अजमेर के पेट्रोल पंप पर फायरिंग करने वाले मोनू और पप्पू को पुलिस ने गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी फरीदकोट की जेल में बंद कुख्यात अपराधी भूपेंद्र सिंह खरवा की पहचान वाले हैं।

फरीदकोट की जेल से 30 अक्टूबर तक पंप मालिक नवीन गर्ग और उनके बेटे को धमकियां देता रहा भूपेंद्र सिंह।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) : गत 20 अक्टूबर को अजमेर के कचहरी रोड स्थित अजमेर ऑटोमोबाइल पेट्रोल पंप पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों मोनू और पप्पू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि 20 अक्टूबर को जिस मोटर साइकिल पर मोनू आया उसे पप्पू चला रहा था। रात 9 बजे मोटरसाइकिल से उतर कर मोनू ने पेट्रोल पंप परिसर में गोली चलाई। मोनू ने ही पंप के मालिक नवीन गर्ग के बेटे नमन गर्ग की केबिन के कांच पर भी गोली चलाई।

फायरिंग के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। लेकिन पुलिस ने अलग अलग टीमें गठित कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मोनू ने स्वीकार किया है कि उसने पेट्रोल पंप पर गोलियां चलाई थी। मोनू का कहना रहा कि पेट्रोल भरवाने को लेकर पूर्व में विवाद हुआ था। इसके अलावा इन दोनों आरोपियों की मंशा दहशत फैलाने की थी और पंप मालिक से वसूली का भी इरादा भी था। एसपी शर्मा ने बताया कि आरोपियों को पकडऩे के लिए अनेक मार्गों के सीसीटीवी फुटेज की भी गहनता के साथ जांच की गई।

दोनों आरोपी अजमेर के ही रहने वाले हैं और उनकी पहचान पंजाब के फरीदकोट में जेल में बंद कुख्यात बदमाश भूपेंद्र सिंह खरवा से भी है। एसपी ने कहा कि दोनों बदमाशों को पकडऩे में अनेक पुलिस अधिकारियों और जवानों ने रात-दिन मेहनत की है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध पुलिस का सख्त रवैया है। हालांकि बीस अक्टूबर को दोनों आरोपी चेहरे पर नकाब लगाकर आए थे, लेकिन इसके बावजूद भी पुलिस ने 9 दिनों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

30 अक्टूबर तक मिली धमकियां:
पुलिस ने भले ही फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हो, लेकिन 30 अक्टूबर तक पेट्रोल पंप मालिक नवीन गर्ग और उनके बेटे नमन गर्ग को धमकियां मिलती रहीं। पहले मोबाइल फोन पर वाट्सएप पर धमकियां दी गई और 30 अक्टूबर को लिखित में धमकी दी गई। पिता-पुत्र को भेजी गई धमकी में कहा गया कि हमने तेरे को प्यार से समझाया पर तेरे कुछ समझ में नहीं आया, अब इस केस की जिम्मेदारी हम ले रहे हैं। आपको को पता चल ही जाएगा कि हम कौन हैं? अब यह प्रोटेक्शन मनी नहीं चाहिए। वक्त के साथ मुलाकात करेंगे, जय बलकारी।

20 अक्टूबर को फायरिंग के बाद पंप मालिक ने नवीन गर्ग ने भ पुलिस को बताया था कि धमकियां देने वाले पांच करोड़ रुपए की राशि की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने इसी आधार पर अपनी जांच की शुरुआत की थी। जिन दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है वे पिछले दो तीन दिन से पुलिस की गिरफ्त में ही थे। यानी जब पुलिस मोने और पप्पू से पूछताछ कर रही थी, तब पंप मालिक को धमकियां मिल रही थी। माना जा रहा है कि इन धमकियों को भिजवाने में पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद कुख्यात बदमाश भूपेंद्र सिंह खरवा की भूमिका है।

खरवा ने ही अपनी फेसबुक पर फायरिंग को लेकर पोस्ट भी डाली थी। जानकार सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार पप्पू और मोनू भूपेंद्र सिंह के पहचान वाले हैं। भूपेंद्र सिंह यह नहीं चाहता कि मोनू और पप्पू किसी आरोप में फंसे, इसलिए अब वह फायरिंग की जिम्मेदारी स्वयं पर ले रहा है, लेकिन पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर भूपेंद्र सिंह खरवा को भी यह संदेश दे दिया है कि अपराधियों को बक्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने अपनी जांच को पप्पू और मोनू तक ही सीमित रखा है। दोनों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here