- पाली में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरण के दौरान सीएम ने की घोषणा
- राहत सामग्री में अब पांच लीटर मिट्टी का तेल भी मिलेगा
लखनऊ(उत्तर प्रदेश) (सय्यद गुलाम हुसैन) – कोरोना संकट के बीच बाढ़ की त्रासदी भी झेल रहे पीड़ितों को ढाढ़स
बंधाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुख और दुख जीवन के दो अभिन्न पहलू हैं। इस दोहरे संकट के बीच सरकार पूरी तरह पीड़ितों के साथ है। उनके दुख में सहभागी बनने के लिए ही वह उनके बीच आए हैं।
उन्होंने भरोसा दिलाया किया पीड़ित परिवारों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। राहत सामग्री में पांच लीटर मिट्टी का तेल भी दिया जाएगा। बाढ़ का पानी खत्म होते ही खराब हुई फसलों का सर्वे कराकर जल्द मुआवजा भी वितरित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मंगलवार को पाली ब्लाक के प्यारी देवी डिग्री कॉलेज परिसर में बाढ़ प्रभावित गांवों चड़राव, माठ, विरार और कोहारभार के पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आपदा में किसी की मौत होने पर चार लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। सर्पदंश से मौत पर भी यह मुआवजा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समय से लिए गए निर्णय और साथ ही साथ जनता के सहयोग से उत्तर प्रदेश, वैश्विक महामारी के इस दौर में भी दुनिया में बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि हमें कोरोना के साथ बाढ़ का भी सामना करना है।
प्रदेश सरकार, हर पीड़ित को सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। मंत्रीमण्डल के सभी सहयोगी अलग- अलग जनपदों में जा कर जनता को राहत दिलाने का काम कर रहे है। प्रशासन को सख्त हिदायत दी गई है कि कोई भी पीड़ित परेशान या निराश नहीं होना चाहिए। सभी को समय से राहत सामग्री समेत दूसरी अन्य सुविधाएं मिलें।







