लखनऊ (उत्तर प्रदेश उपसंपादक सय्यद गुलाम हुसैन) – भ्रष्टाचार और कानून में शिथिलता के आरोप मे प्रयागराज एसएसपी अभिषेक दिक्षित हुए सस्पेंड, सीएम योगी ने प्रयागराज एसएसपी को किया सस्पेंड, भ्रष्टाचार का लगा बडा आरोप थानों में पैसे लेकर इंस्पेक्टर दरोगाओ की पोस्टिंग और अतीक अहमद के मामले हल्की और नर्म कार्रवाई , तथा कोरोना के मामले में भी सोशल डिस्टेंसिंग सहित, सही से पालन न करापाने से हाई कोर्ट की नाराज़गी , सहित कारणों से सीएम योगी ने किया सस्पेंड।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रयागराज अभिषेक दीक्षित को निलंबित कर दिया गया है। मंगलवार दोपहर उनके निलंबन की खबर आते ही महकमें चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। लोग कयास लगाने लगे की आखिर तीन माह में ऐसी क्या वजह रही कि एसएसपी को निलंबित करना पडा। उन्हें डीजीपी मुख्यालय से संबद़ध किया गया है। वहीं, 2006 बैच के आइपीएस सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी जिले के नए कप्तान बनाए गए हैं। वह अभी तक पुलिस उपायुक्त लखनउ के पद पर तैनात रहे।
एसएसपी प्रयागराज अभिषेक दीक्षित को अपराध नियंत्रण में असफल रहे। साथ ही अनियमितता पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। शासन की ओर से बताया गया कि एसएसपी अभिषेक दीक्षित की तैनाती की अवधि में शासन और मुख्यालय के निर्देशों का अनुपालन सही ढंग नहीं लागू किया गया। उन पर पोस्टिंग में भ्रष्टाचार को बढावा देने का भी आरोप है। शासन एवं मुख्यालय के निर्देशों के अनुरूप पैदल गश्त एवं बैंकों, बाजार की सुरक्षा में लापरवाही बरती गई है। सही ढंग से चेकिंग एवं पयर्वेक्षण का काम नहीं किया गया। प्रयागराज में पिछले तीन माह में लंबित विवचेनाओं में निरंतर बढोत्तरी हुई है।
कोरोना महामारी के संबंध में भी शासन व मुख्यालय की ओर से दिए गए शारीरिक दूरी के निर्देश का सही ढंग से पालन नहीं कराया गया। इस मामले में उच्च न्यायालय ने भी नाराजगी जताई थी।
Home राष्ट्रीय उत्तरप्रदेश लखनऊ (पश्चिमी) के पुलिस उपायुक्त सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी जी प्रयागराज के नए एसएसपी...







