सपा और कांग्रेस ने मोदी स्टाइल में किया बेरोजगारी का विरोध

9 मिनट तक बंद रखीं घर की बत्तियां

लखनऊ (उत्तर प्रदेश उपसंपादक सय्यद गुलाम हुसैन) – उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों सपा और कांग्रेस ने बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर योगी सरकार के खिलाफ विरोध प्रकट किया. इसके तहत सपा और कांग्रेस के नेताओं-कार्यकर्ताओं ने ठीक 9 बजे 9 मिनट के लिए अपने घरों की बत्तियां बुझाकर लालटेन, मोमबत्ती और दीपक जलाया. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव ने मोमबत्ती जलाकर बेरोजगार के खिलाफ अपना विरोध प्रकट किया. अखिलेश ने अपनी और पत्नी की तस्वीर ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा, ”आज आनेवाले कल के बदलाव का इतिहास लिख दिया सियासत के आसमान पर रोशनी से इंक़लाब लिख दिया. आज युवाओं ने भाजपा के शासनकाल की उल्टी गिनती की शुरूआत कर दी है. हमने नौजवानों की ख़ातिर मोमबत्तियां जलाकर हमेशा की तरह आज भी उनका साथ दिया है और देते रहेंगे.”लखनऊ में बेरोजगारी के खिलाफ कैंडल मार्च निकाल रहे युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. अचानक दर्जनों कार्यकर्ता हजरतगंज के श्रीराम टॉवर के पास कैंडल मार्च निकालने पहुंचे. भारी संख्या में पहुंची पुलिस ने कार्यकर्ताओं को खदेड़ा. इस दौरान उनकी पुलिस से तीखी झड़प भी हुई. पूर्व सीएम अखिलेश यादव के आह्वान पर सपा कार्यकर्ताओं ने कहीं मोमबत्ती तो कहीं मशाल जलाकर बेरोजगारी के खिफला विरोध प्रकट किया. वहीं, पार्टी कार्यालय में एमएलसी सुनील सिंह साजन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने माेमबत्ती जलाकर विरोध जताया.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर युवाओं से बेरोजगारी के खिलाफ 9 सितंबर को 9 बजे 9 मिनट के लिए अपने घरों की बत्तियां बुझाकर दिए जलाने की अपील की थी. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अखिलेश यादव यादव की इस मुहिम का समर्थन किया. इतना ही नहीं बिहार में राजद ने भी अखिलेश यादव की इस मुहिम में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बेरोजगारी का विरोध प्रकट करने के लिए अपने दोनों बेटों तेज प्रताप और तेजस्वी के साथ घर की बत्तियां बुझाकर लालटेन जलाया.
वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया, ”देश के युवाओं को रोजगार चाहिए. उनकी रुकी हुई भर्तियों की जॉइनिंग, परीक्षाओं की डेट, नई नौकरियों की नोटिफिकेशन, सही भर्ती प्रक्रिया और ज्यादा से ज्यादा नौकरियां चाहिए. इसके बदले सरकार कोरे भाषण, लाठियां और उपेक्षा देती है. आखिर कब तक?” यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय लल्लू ने भी ट्वीट कर नौबजेनौमिनट मुहिम को अपना समर्थन दिया. उन्होंने लिखा, ”नौजवान है बेहाल, जलाईये मशाल. बताओ सरकार कहां है रोज़गार? ‘मन की बात’ नहीं युवाओं को हक चाहिए. निजीकरण नहीं सरकारी उपक्रम चाहिए. चुप्पी नहीं अब जवाब चाहिए.”

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