लखनऊ (उपसंपादक सरफराज जाहिद) – उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की दुबग्गा मछली मंडी स्थल में आढ़ती गणों का बड़ा नुकसान विक्री कम नुकसान ज्यादा। परीसर में लग रही है अवैध मछली मंडीयोँ के कारण व्यापारी परेशान।
उत्तर प्रदेश मंडी परिषद द्वारा अवैध मछली मंडियों का टैक्स माफ होते ही मछली मंडी स्थल के रजिस्ट्रेशन आढ़ती गणों का बड़ा नुकसान हो रहा है कुंतलों के हिसाब से सड़ी हुई मछलियां जो व्यक्ति नहीं क्रेता विक्रेता आते नहीं जिसके कारण बाहर फेंकनी पड़ती है और फेंकने के भी पैसे देने पड़ते हैं।
लखनऊ राजधानी के आसपास के क्षेत्रों में थोक मछली व्यापारी गण अपना माल अवैध मंडियों में बेच देते हैं छोटी-छोटी दुकानों में फुटकर तरीके से अपने मछलियों को दे देते हैं जिसके कारण क्रेता विक्रेता दुबग्गा मछली मंडी स्थल में माल लेने नहीं उसी का खामियाजा मछली मंडी स्थल आढ़ती गणों को भुगतना पड़ रहा है लाखों का नुकसान झेलना पड़ रहा है क्योंकि लखनऊ राजधानी में सैकड़ों की तादाद में अवैध मछली मंडिया लगी हुई है हजारों की तादात में फुटकर विक्रेता इधर-उधर अपना माल बेच रहे हैं बिना टैक्स दीजिए और जो नवीन मंडी स्थल में मछली मंडी आढ़ती गण सरकार को टैक्स देते हैं इस वक्त बड़े नुकसान के कगार पर खड़े हैं सरकारी मछली मंडी स्थल के अंदर पल्लेदार मजदूर भुखमरी की कगार पर हैं क्योंकि पल्लेदारों को भी रोजी रोटी अपनी जवानी पड़ रही है क्रेता विक्रेता आते नहीं लोडिंग अनलोडिंग ज्यादा होती नहीं इसीलिए मुश्किलों का सामना पल्लेदार भी कर रहे हैं आज का यह फोटो दुबग्गा मछली मंडी स्थल का है जो लगभग 1 कुंटल मछली सड़ गई है और आरती गणों को फेखनी पड़ रही है लेवर द्वारा फीकबाई देनी पड़ेगी इसी के विरोध में काफी दिनों से उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल उद्योग लगा हुआ है जो सरकार को कई बार ज्ञापन दे चुका है प्रार्थना कर चुका है पूरे प्रदेश की मंडियों व्यापार बंद कर चुका है मगर फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई लीगल आढ़ती गण परेशान है अन लीगल फुटकर विक्रेता व्यापारी मजा मार रहे हैं अवैध मंडिया शहर के अंदर सजाकर बिना टैक्स दिए मछलियां बेचकर जिसका खामियाजा लीगल आढ़ती गण भुगत रहे हैं दुबग्गा मछली मंडी स्थल का जो बड़ा नुकसान इस समय हो रहा है इस समस्या का समाधान कैसे होगा लीगल आढ़ती गणों की जो टैक्स देखें कार्य कर रहे हैं और लाखों का नुकसान झेल रहे हैं उनकी समस्याओं का समाधान कौन करेगा?.







