सुलतानपूर (उत्तरप्रदेश ब्युरो चीफ सय्यद एजाज अहमद) – आज दिनाँक 14 दिसंबर 2020 को अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के केंद्रीय आह्वान पर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति सुलतानपुर के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया और इसके साथ ही तिकोनिया में धरना दिया गया।इस मौके पर राधेश्याम वर्मा(AIKS)ने कहा कि आज के इस देशव्यापी प्रदर्शन से हम मांग करते हैं कि किसान विरोधी काले कानून वापस लिया जाये।बिजली कानून 2020 वापस लिया जाये।पराली जलाने के नाम पर किसानों का उत्पीड़न बंद किया जाये और इससे सम्बंधित नियम वापस लिए जायें।रामप्रकाश सिंह(भारतीय किसान मजदूर संगठन वी. एम. सिंह) ने कहा कि यह सरकार अपनी हठधर्मी पर कायम है और किसान विरोधी ये कानून किसानों पर थोपना चाहती है।

हम लगातार लड़ेंगें।रमाशंकर चौधरी(भारतीय किसान यूनियन अम्बावता गुट) ने रेखांकित किया कि यह बात लगातार स्पष्ट होती जा रही है कि यह सरकार किसान विरोधी है।वीरेंद्र सिंह(भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट) ने कहा कि आज के इस प्रदर्शन के माध्यम से हम किसानों के आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित कर रहे हैं।हमारी लड़ाई कानून वापस लिए जानें तक लगातार चलती रहेगी।समिति के संयोजक शारदा प्रसाद पाण्डेय ने कहा कि अब इस लड़ाई को गांव के स्तर पर ले जाया जायेगा।गांवों में किसानों के बीच जन जागरण अभियान चलाया जायेगा।लोग लगातार दिल्ली भी कूँच करते रहेंगे।
आज धरनें की अध्यक्षता बाबूराम यादव और संचालन रामप्यारे वर्मा ने किया। आज के आंदोलन में मुख्य रूप से मो. सैफ,स्वामीनाथ यादव, राम प्रसाद तिवारी,रूपेश शुक्ला, उमेश चन्द्र मिश्रा,रामअजोर उपाध्याय,राजबहादुर यादव,कर्मराज दूबे ने नेतृत्वकारी भूमिका निभाई। आज के आंदोलन का समर्थन SFI/AISF/DYFI/AILU/खेतमजदूर यूनियन ने भी किया।







