सुलतानपूर (उत्तर प्रदेश ब्युरो चीफ सय्यद एजाज अहमद) – आज जहा सभी नव वर्ष मना रहे है।वही राष्ट्रीय अम्बेडकर सेना इसे शौर्य दिवस के रूप में मनाती है।जानकारी मुताबिक 1 जनवरी 1818 को भीमा कोरेगांव पुणे महाराष्ट्र में पेशवा बाजीराव के लगभग 28 हजार सैनिकों को मूलनिवासी के लगभग 500 योद्धाओं ने धूल चटा दी थी।
उसी विजय दिवस को शौर्य दिवस के रूप मनाती है राष्ट्रीय अम्बेडकर सेना,आज शहर में हाथी ,घोड़े,गाजे ,बाजे के साथ हजारों की संख्या में पहुँचे राष्ट्रीय अम्बेडकर सेना के लोगो ने बाबा साहब अमर रहे का नारा लगाते हुए रैली निकाली,इस अम्बेडकर सेना की अगुवाई कर रहे ऊदल प्रताप बौद्ध घोड़े पर बैठ कर आगे चलते रहे,पीछे अम्बेडकर सेना का पूरा कारवां चलता रहा,डीजे की धुन पर अम्बेडकरवादी थिरकते रहे और शौर्य दिवस का जश्न मनाते रहे.
राष्ट्रीय अम्बेडकर सेना की इस पद यात्रा में महिलाएं,बच्चे,बुजुर्ग ,युवाओं से खचा खच शहर की सड़के भरी रही जय भीम जय संविधान का नारा गूँजता रहा,सम्पूर्ण शहर में जुलूस के साथ अम्बेडकर वादियों ने अम्बेडकर पार्क पहुँच इस जुलूस को विराम दिया,पार्क में स्थापित डॉ भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण किया।







