अजमेर में 77 दिन बाद कब्र से लाश निकाल कर विवाहिता के शव का पोस्टमार्टम किया।

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  • मां ने ससुराल पक्ष पर लगाया जहर देकर हत्या करने का आरोप।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) – 21 जनवरी को अजमेर के वैशाली नगर रोड स्थित क्रिश्चयन कब्रिस्तान से एक विवाहिता का शव कब्र से निकाला गया और फिर मेडिकल टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। पुलिस की मौजूदगी में शव को 77 दिन बाद कब्र से निकाला गया।

जानकारों के अनुसार ईसाई समुदाय में ताबूत के साथ शव को दफन किया जाता है। इसलिए शव ढाई माह तक कब्र में सुरक्षित रहता है। वैशाली नगर के छतरी योजना में रहने वाली 29 वर्षीय विवाहिता मारिया की मौत गत 4 नवम्बर को अजमेर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी। मारिया की माताजी श्रीमती सुशीला ने पुलिस को शिकायत की कि उसकी बेटी की हत्या ससुराल वालों ने जहर देकर की है, इसलिए शव का पोस्टमार्टम करवाया जाना जरूरी है।
श्रीमती सुशीला ने कहा कि दहेज के लिए ससुराल वाले विवाह के बाद से ही मारिया को प्रताडि़त कर रहे थे। मारिया का विवाह दिसम्बर 2014 में छतरी योजना निवासी आशीष पेट्रिक के साथ हुआ था। ससुराल वालों ने योजनाबद्ध तरीके से पहले मारिया को जहर दिया और फिर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया। मौत के बाद शव को चुपचाप कब्रिस्तान में दफन कर दिया।

पुलिस ने श्रीमती सुशीला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शव को 77 दिन बाद कब्र से निकलवाया और पोस्टमार्टम करवाया। 21 जनवरी को जब शव को कब्र से निकाला जा रहा था, तब पुलिस के बड़े अधिकारी भी उपस्थित रहे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मारिया की मौत के कारणों का पता चलेगा। 21 जनवरी को शहरभर में विवाहिता के शव को कब्र से निकालने की चर्चा रही।

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