कलम से – अमरजीत सिंह (घुग्गा)
आजादी के बाद भारत में
कानून की साथपना की गई, लोगो
के जान माल की रक्षा के लिए तब
पुलिस तंत्र बना, लोगो की सच्ची
हिफाजत के लिए, पुलिस जवान
तो अक्सर शहीद होते ही रहते है
जुर्म लगातार बड़ रहा है, पुलिस
कम सहुलत और थोड़ी तनख़ाह
में भी अपना काम, लगातार दिन
रात कर रही है । जब जानबूझ के
लोग रेड लाइट जंप करते है, तब
उसकी तुलना में बॉर्डर क्रॉस करने
तक की उदाहरण का जिकर कर
देते है, कुछ लोग । कुछ तो लोग
कहेंगे । जब कोई चालान करती
तो सब को बुरी लगती है, पुलिस
जुर्म पुलिस ही रोकती है यह कोई
नहीं कहता । आज, पूरे भारत में
करोना की हाहाकार मची है, लोग
जानबूझ कर ही गलतियां कर रहे
है, उनको रोकती है तो बुरी लगती
है, पुलिस । कुछ लोग अक्सर ही
गलत काम करते है, उनको अगर
पकड़ती है, तब भी बुरी ही लगती
है, पुलिस । मुंबई से लेकर पंजाब
तक पुलिस दिन रात अपने फर्ज
और लंबी ड्यूटी करती है, पुलिस
लेकिन फिर भी पुलिस बुरी लगती
है । बदमाशो से खतरा तो पुलिस
हाजिर, कातिल पकडने हो पुलिस
हाजिर, देश में लोग जब सुनसान
रातो को अपने घरों मै सोते है तब
सड़कों पर अपना फर्ज नीबाहती
है, पुलिस । जब कोई भी कुदरती
आफत आती है तब सब से पहले
आगे आती है, पुलिस । भारत के
राष्ट्रपति जी से लेकर सब मंत्रियो
की सुरक्षा भी तो करती है, पुलिस
24 घंटे की लंबी नौकरी करती है,
पुलिस । लेकिन फिर भी सब को
बुरी लगती है, पुलिस । अंदेहरी
रातो में सुनसान राहों पर कोई भी
नहीं होता जब सड़कों पर तब भी
अपनी फैमली को भूल, पूरे देश में
ड्यूटी करती है, पुलिस । पूरे देश
की पुलिस अब बस, एक हो जाए
सब मुलजिम लोगो की एक लिस्ट
बना कर सब को पकड़ कर सजा
दिलाए । अगर सब लोग अपनी
जिमेवारी समझें, पुलिस की कदर
करे, और अपनी हिफाजत करने
वाली पुलिस को सच्चे दिल से ही
अपना बनाए । तभी तो घुग्गा जी
कहते है सब से बहादुर है मुंबई से
पंजाब तक सारे भारत की पुलिस
जय हिन्द
कलम से – अमरजीत सिंह (घुग्गा),
ए एस आई, (पंजाब पुलिस), पटियाला
9915001316






