लखनऊ (उपसंपादक सय्यद गुलाम हुसैन) – मित्रों आज मैं लखनऊ आईटी से आगे डीसीपी कार्यालय के सामने से गुज़र रहा था वहीं सड़क के किनारे एक मोची बड़े से छाते मे बैठा जूते की मरम्मत कर रहा था। उसी छाते में एक गली का कुत्ता (Street Dog) भी बरसात के पानी से बचने के लिए बैठा था। जिसे देखकर मुझे अत्यधिक प्रसन्नता हुई कि एक गरीब मोची की हृदय की महानता देखो कि वो उस बेजुबान कुत्ते को बैठाएं हुए है।
आजकल अच्छे सर्वसम्पन्न लोग अपने उत्तरदायित्वों को भूले बैठे हैं परंतु एक गरीब मोची (cobbler) सभी लोगों के लिए एक उदाहरण बनता दिखाई दे रहा है। ईश्वर सभी को आशियाना (Shelter) प्रदान करे।






