लखनऊ (सय्यद गुलाम हुसैन) – भगवान राम के भरोसे भारतीयों का भविष्य। कोविड-19 कोरोना महामारी से भारत की जनता भयभीत है वहीं दूसरी ओर देश के मुखिया नरेन्द्रजी मोदी आपदा को अवसर में कैसे बदलते है मोदी जी से बेहतर कोई नहीं जानता।
आज जितने भी राजनीतिक लोग है मोदीजी के आगे सब फेल है। क्योंकि मोदी जनता की नब्ज पहचानते है। धर्म के तड़के और इमोशन के आगे सब कुछ फेल है। मोदी जी ने भारत में 3 महीने पहले ही दीवाली मनवा दी। वो भी ऐसे दौर में जब करोना आपदा है, रोजगार खत्म हो चुके है, अर्थव्यवस्था बिल्कुल खत्म हो चुकी है।
हिन्दू धर्म के अनुसार भी कोई शुभ मुहूर्त नहीं था। लेकिन मोदीजी ने फिर भी भूमि पर पूजन कर दिया। क्यों करवाया?. क्योंकि जनता भवनाओं में बह कर अपनी समस्याओं को भूल जाएगी और सरकार जवाबदेही से बच जाएगी। तमाम राजनीतिक लोग जहाँ की सोचते है मोदीजी उससे 4 साल आगे की सोचते है। अब अगले लोकसभा चुनाव से पहले मोदीजी ऐसे ही भव्य समारोह में मंदिर का फीता काट कर उसे देश की जनता को सौंप देंगे और अगले पांच वर्ष के लिए फिर प्रधानमंत्री होंगे।







