हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया जष्न ईद मिलादुन्नबी, नही निकला षांति का प्रतीक जुलूस ए मोहम्मदी: हज़रत सैयद अयूब अशरफ किछौछवी

लखनऊ (उपसंपादक सय्यद गुलाम हुसेन) : ऑल इण्डिया मोहम्मदी मिषन के तत्वाधान में चौक स्थित दरगाह हज़रत मख्दूम शाहमीना में हषोंउल्लास के साथ जष्न ईद मिलादुन्नबी मनाया गया। जष्न की षुरूआत कारी मोहम्मद अरषद ने तिलावत ए र्कुआन पाक से की। कार्यक्रम का संचालन मौलाना अब्दुल हन्नान फहमी ने किया।

नात का नज़राना कारी गुलाबुद्दीन, कारी इफतेखार, मोहम्मद रजा, सैयद मोहम्मद किछौछवी आदि ने पेष किया। जलसे की अध्यक्षता करते हुए ऑल इण्डिया मोहम्मदी मिषन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सैयद अयूब अषरफ किछौछवी ने कहा कि आज का दिन वह दिन है जिस दिन पूरी श्रष्टी के रहमत, रहमतुल्लिल आलमीन की आमद का दिन है आपके दुनिया में आने के बाद जुल्म अत्याचार, गोरा काला, छोटा बड़ा, गरीब अमीर का फर्क खत्म हो गया आपने अपनी 40 साला जिन्दगी इस तरह गुज़ारी की अपना हो या पराया सब आपको सादिक व अमीन समझता था। और आपकी पवित्र जिन्दगी ने लोगों को अपना दीवाना बना दिया था।

जब लोग आप की ज़ात मान गये उसके बाद 23 साला जिन्दगी अपनी बात यानि इस्लाम का सच्चा मार्ग दर्षन बताने में गुज़ार कर पूरी दुनिया में अपने अषिकों को वह जन सैलाब खड़ा कर दिया कि आज हर तरफ आपके मार्गदर्षन पर चलने वाले मौजूद है। आपने फरमाया कि जहॉ रहो षांति के साथ रहो अपने पड़ोसी का ख्याल रखो किसी को दुख न पहुचाओ, गरीब, यतीम, मिस्कीन की मदद करो। श्री अषरफ ने बहुत अफसोस करते हुए कहा कि शासन/प्रषासन ने जुलूस ए मोहम्मदी पर पाबन्दी नही लगाई बल्कि शांति की जुलूस पर पाबन्दी लगाई है यह जुलूस उस पैगम्बर इस्लाम का है जिसने अपनी ज़ात से कभी किसी को दुख नही पहुॅचाया बल्कि सताने वालों को माफ कर दिया।

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उनकी षिक्षा का तो प्रचार प्रसार कराना चाहिए और शासन/प्रषासन को तो इस जुलूस को और अच्छी तरह ने निकलने की व्यवस्था करनी चाहिए जिस तरह से प्रषासन ने कोविड-19 और धारा 144 का मुद्दा बना कर जुलूसों को रोका है वह र्दुभाग्यपूर्ण है। जब सारे राजनैतिक कार्यक्रम प्रषासन करा सकती है तो ऐसे पवित्र कार्यक्रम को करवाने में कोविड का बहाना अच्छी बात नही है हम भी शहर की बाजारों का हाल देख रहे है किस तरह से धारा 144 का पालन हो रहा है और कोविड की गाईड लाईन पर चल रहे है। इन्होंने लोगों से कहा इन्षाह अल्लाह 2022 में पूरे हर्षेाउल्लास के साथ जुलूस ए मोहम्मदी निकाला जाएगा।

इस मौके पर ऑल इण्डिया मोहम्मदी मिषन के पदाधिकारी जनाब शाकिर अली मिनाई, सैयद याकूब अषरफ, मुफती इरफान मियॉ फरंगी महली, सैयद अहमद नदीम, सैयद शहाबुददीन अषरफ, सैयद बाबर अषरफ, मोहम्मद आरिफ मियॉ, मोहम्मद अहमद मियॉ, मौलाना अफफान अतीक, सैयद मोहम्मद अरषद, सैयद मोहम्मद राषिद, फाकिर मिनाई, मुन्ने मियॉ, सैयद मुख्तार अषरफ, सैयद परवेज अषरफ, मोहम्मद अफज़ल, मोहम्मद फरीद, ताज मोहम्मद, आदि लोगों के साथ ही साथ आषिके रसूल मौजुद थे सलातो सलाम व दुआ के बाद जल्से का समापन किया गया। जनाब शाकिर अली मिनाई उर्फ बाबू भाई की तरफ से लंगर का प्रबन्ध किया गया।.

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