- उत्तर प्रदेश कांग्रेश कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा बाढ़ से किसानों की फसलें चौपट मुआवजा दे सरकार
- जिलों में बांध टूटे सरकार की लापरवाही से चरम सीमा पर
लखनऊ(उत्तर प्रदेश) (सय्यद गुलाम हुसैन) – लखनऊ कुशीनगर 8 अगस्त 2020 उत्तर प्रदेश में बाढ़ ने दर्जनों जिलों में कहर मचाए
हुए किसानों के धान और गन्ने की खेती डूब गई उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि प्रदेश सरकार तत्काल प्रभाव से किसानों को मुआवजा दें ताकि इस विपदा में उनको राहत मिल सके
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू ने जारी बयान में कहा कि पिछले 1 सप्ताह से वे बाढ़ पीड़ितों के बीच घूम रहे हैं बहराइच से बलिया तक की स्थिति बहुत ही भयानक है जगह-जगह तटबंधो की दशा बहुत ही दयनीय हालत में है उन्होंने कहा कि इससे साफ-साफ सरकार की लापरवाही उजागर होती है भिखारी पुर सकरौरा तटबंध गोंडा के तरबगंज मे टूट चुका है तो एलगिन चरसड़ी बांध की हालत हर साल नाजुक हो जाती है भिखारीपुर बांध इससे पहले 2018 में भी टूट चुका है ₹70 करोड़ जारी किए गए थे प्रदेश में घाघरा सरयू राप्ती कुआनो शारदा जैसी कई नदियों ने तबाही मचा रखी है लखीमपुर अयोध्या सहित पूरे प्रदेश में कई लोगों की मौत बारिश बाढ़ और उसने नदियों के चलते हो चुकी है
प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि बाढ़ में अपार जन धन की हानि हुई सरकार को तत्काल प्रभाव से पीड़ित जनता की मदद करनी चाहिए उन्होंने कहा कि गोंडा बहराइच बलरामपुर श्रावस्ती बाराबंकी कुशीनगर गोरखपुर देवरिया बलिया मऊ आजमगढ़ सहित कई जिलों में गन्ना और धान की फसल डूब गई है उन्होंने कहा प्रदेश के किसान लगातार कई सालों से प्रकृति आपदा और किसान विरोधी सरकार नीतियों के शिकार हो रहे हैं उनकी जेब में फूटी कौड़ी तक नहीं है सरकार तत्काल प्रभाव से बाढ़ को आपदा घोषित करें और जनधन की हुई हानि का मुआवजा घोषित करें।







