थानेदार केसर सिंह नरुका को एसीबी ने 11 लाख रुपए की नकद राशि और शराब के साथ दबोचा।

  • खींवसर (नागौर) के जिस थानेदार को एसपी ने 10 अगस्त को लाइन जाहिर किया
  • तीन माह बाद रिटायर होने वाले थानेदार की दिलेरी देखने को मिली।
  • अजमेर के मकान की भी तलाशी में बाधा।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – पुलिस में कैसे कैसे शातिर और दिलेर थनेदार काम करते हैं, इसका अंदाजा नागौर के खींवसर थाने पर तैनात रहे सब इंस्पेक्टर केसर सिंह नरुका की गिरफ्तारी से लगाया जा सकता है। नरुका 11 अगस्त की रात को जब नागौर से अजमरे अपने घर आ रहा था, तब बाड़ी घाटी स्थित टोल नाके पर एसीबी की टीम ने दबोच लिया। एसीबी के डीएसपी महिपाल चौधरी ने बताया कि नरुका की कार से 11 लाख 36 हजार 900 रुपए नकद और 21 बोतल अंग्रेजी शराब की बरामद की है। पूछताछ में नकर राशि का नरुका कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। एसीबी का मानना है कि नरुका ने इतनी बड़ी राशि एक दिन में एकत्रित की है। एसीबी के कानून में एक थानेदार के पास इतनी बड़ी राशि मिलना गंभीर बात है। थानेदार नरुका ने यह दिलेरी तब दिखाई है,जब एक दिन पहले यानि 10 अगस्त को ही नागौर की पुलिस अधीक्षक श्वेता धनकड़ ने नरुका को खींवसर थाने से हटाकर लाइन में तैनात कर दिया था। श्वेता ने एक माह पहले ही नागौर के पुलिस अधीक्षक का पद संभाला था, जबकि नरुका की नियुक्ति गत फरवरी माह में हुई थी, यानि श्वेता के नागौर एसपी बनने से पहले नरुका खींवसर थाने पर तैनात हो गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूर्व सरपंच मुन्नाराम से कथित तौर पर साढ़े चार लाख रुपए वसूलने के आरोप में 8 अगस्त को ही विजिलेंस ने जांच पड़ताल की थी। यह जांच डीजीपी के आदेश से हुई। प्राथमिक जांच में प्रतीत हुआ कि अफीम के एक प्रकरण में मुन्नाराम से वसूली की गई। यानि जिस थानेदार के विरुद्ध डीजीपी के निर्देशन पर जांच और फिर लाइन हाजिर की कार्यवाही हुई हो, वही थानेदार 11 लाख रुपए की राशि और अंग्रेजी शराब के साथ पकड़ा जाए तो थानेदार की दिलेरी का अंदाजा लगाया जा सकता है। वह भी तब जब वह तीन माह बाद रिटायर होने वाला हो। 11 अगस्त की रात को जब एसीबी की टीम ने थानेदार नरुका को दबोचा, तब उसने कहा भी कि वह तीन माह बाद रिटायर होने वाला है, इसलिए नरम रुख अपनाया जाए। लेकिन एसीबी की टीम ने कोई राहत नहीं दी। नरुका के काम काज को लेकर एसीबी को लम्बे समय से शिकायत मिल रही थीं। पहले नरुका को रंगे हाथों पकडऩे की योजना बनाई गई, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो 11 लाख रुपए की नकद राशि के साथ पकड़ा गया। नरुका इतनी बड़ी राशि लेकर अजमेर आ रहा है, जिसकी जानकारी भी एसीबी को मुखबिर के जरिए मिली थी। अब नरुका अजमेर स्थित शास्त्री नगर के मकान की तलाशी में भी आनाकानी कर रहा है। ताला लगा होने के कारण एसीबी ने मकान को सील कर दिया है। अब नरुका से मकान की चाबी मांगी जा रही है। जब तलाशी नहीं होगी, तब तक मकान सील रहेगा। एसीबी को माकन से भारी मात्रा में नकद राशि और सम्पत्ति मिलने की उम्मीद है।

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