नीजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियो का सांकेतिक प्रदर्शन

वादे से मुकर बिजलीकर्मियो को धोखा दे रही प्रदेश सरकार

लखनऊ (उत्तर प्रदेश सहसंपादक सरफ़राज़ ज़ाहिद) – पंडित दीनदयाल नगर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया आरम्भ करने के सरकारी फरमान से आक्रोशित बिजली कर्मचारियों ने संयुक्त संघर्ष समिति उ०प्र० के आह्वाहन पर मंगलवार को जनपद के गोधना स्थित विद्युत वितरण मण्डल कार्यालय में एकत्र हो जमकर सरकार विरोधी नारे लगाते हुए निजीकरण के प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग करते हुए सरकार पर प्रदेश में पूंजीवादी व्यवस्था को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
विरोध सभा को संबोधित करते हुए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति चन्दौली ईकाई के संयोजक नरेन्द्र गोपाल शुक्ला ने कहा कि सरकार उर्जा समेत अन्य कई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को नीजि हाथों में सौपकर जनता को मिल रही सरकारी सुविधाओं से वंचित रखने का षडयंत्र कर पूजीवादी व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे प्रदेश के गरीब मजदूर व किसान प्रभावित होंगे और बिजली की दरों में बेतहाशा वृद्धि होगी जो आम जनमानस के लिए कष्टकारी साबित होगा। उन्होने कहा कि सरकार वर्ष 2018 में बिजलीकर्मियो से किये गये अपने वादे से मुकर रही हैं जिसमें प्रदेश के उर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा के समक्ष बिजलीकर्मियो को आश्वस्त किया गया था कि उर्जा क्षेत्र का निजीकरण नहीं किया जाएगा के बावजूद सरकार ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का फरमान जारी कर बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों के साथ धोखा किया जा रहा है। विरोध सभा में तमाम श्रम संगठनों ने निजीकरण की प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग की।
सभा को सर्वश्री सर्वेश पान्डेय, शिव नारायण, अफसार अहमद,जय कार पटेल,संजय कुशवाहा,निरंजन पटेल,संजीवधर दूबे, प्रमोठ शर्मा, मो. मेहंदी, सतीश यादव, दलसिगार यादव,डी के पान्डेय आदि नेताओं ने सम्बोधित किया जिसकी अध्यक्षता ई. रामपाल ने तथा संचालन ऐ.के. पान्डेय ने किया ।।

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