मोहर्रम के जुलूस व ताजियादारी पर प्रतिबंध के खिलाफ शिया मुस्लिम धर्मगुरु जनाब डॉ. क़ल्बे जव्वाद द्वारा लखनऊ स्थित ग़ुफरान माब इमामबाडा चौक पर बेमुद्दतथय धरना आंदोलन।

  • प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से पत्रकारों के किया अवगत।
  • उत्तर प्रदेश पुलिस मुस्तैद।

लखनऊ (उत्तर प्रदेश उपसंपादक सय्यद गुलाम हुसैन) – मोहर्रम के जुलूस व ताजियादारी पर प्रतिबंध के खिलाफ शिया मुस्लिम धर्मगुरु जनाब डॉ. क़ल्बे जव्वाद द्वारा लखनऊ स्थित ग़ुफरान माब इमामबाडा चौक पर बेमुद्दत धरना आंदोलन को प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से पत्रकारों को अवगत किया।
आप सभी लोगों को बताता चलूं मोहर्रम का महीना इस्लाम धर्म के अनुयायियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण महिना है। इस महिने में इस्लाम धर्म के पैगम्बर हुज़ूर मुहम्मद साहब के नवासे जनाब इमाम हुसैन व उनके परिवारजनों और साथियों को शहीद कर दिया गया था। उनकी शहादत का ग़म संपूर्ण इस्लाम धर्म के अनुयायियों द्वारा हर साल मोहर्रम के महिने में मनाया जाता है।
इस मुक़द्दस महीने में ताजियादारी, जुलूस व मजलिसों के माध्यम से अनुयायी अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं।
परंतु इस साल कोरोना महामारी के कारण उत्तर प्रदेश सरकार सख्ती से इन कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा दिया है जिस कारण इस्लाम धर्म के अनुयायियों में काफी रोष है।
आज डॉ क़ल्बे जव्वाद साहेब के नेतृत्व में बेमुद्दत धरना आंदोलन ग़ुफरान माब इमामबाडा चौक लखनऊ मे शुरू किया गया।
डा क़ल्बे जव्वाद के मुताबिक उनके समाज के अनुयायियों पर राज्य सरकार सख्ती से पेश आ रही है। इस संबंध में डा. साहेब ने राज्य एवम् केंद्र सरकार के अधिकतर नेताओं एवम् अधिकारीयों से विनती की परंतु उनकी तहरीर पर कोई सुनवाई नहीं हुई इसलिए आज से प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद से डाॅ. क़ल्बे जव्वाद अपने समर्थकों के साथ थरने पर बैठे हैं।

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