लखनऊ (उत्तर प्रदेश उपसंपादक सय्यद गुलाम हुसैन) – कुलदीप सेंगर रेप कांड की जांच कर रही सीबीआई ने तत्कालीन डीएम समेत दो आईपीएस को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है. सीबीआई ने जिनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है, उनमें तत्कालीन डीएम अदिति सिंह, दो पूर्व एसपी नेहा पांडेय और पुष्पांजलि सिंह शामिल हैं. सीबीआई ने एक आईएएस और दो आईपीएस अधिकारियों को मामले में दोषी मानते हुए विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है.
बांगरमऊ के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेगर पर रेप का आरोप साबित होने के बाद उसे जेल भेजा गया था. अब सीबीआई ने यूपी सरकार को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस मामले में तत्कालीन डीएम अदिति सिंह, एसपी नेहा पांडेय और पुष्पांजलि की ओर भी लापरवाही बरती गई और इन पर कार्रवाई की जाए.
सीबीआई ने जिस IAS अफसर अदिति सिंह का नाम लिया है वो 24 जनवरी से 26 अक्टूबर तक उन्नाव की डीएम रही थीं. IPS नेहा पाण्डेय 2 फरवरी 2016 से 26 अक्टूबर 2017 तक एसपी रहीं. 27 अक्टूबर 2017 से 30 अप्रैल 2018 तक पुष्पांजलि सिंह एसपी रहीं. अदिति फिलहाल हापुड़ की डीएम हैं. पुष्पांजलि सिंह फिलहाल एसपी (रेलवे गोरखपुर) हैं. नेहा पांडे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आईबी में तैनात हैं.
उन्नाव में कुलदीप सेंगर और उसके साथियों ने 2017 में नाबालिग लड़की को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया था. मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह मामला उत्तर प्रदेश से दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था और वहीं पूरी सुनवाई भी हुई. दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को तीस हजारी कोर्ट ने 20 दिसंबर 2019 को रेप के मामले में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. इसके बाद कुलदीप सिंह सेंगर की यूपी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई. इसके अलावा उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हत्या मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर समेत सात अन्य को दस साल कैद की सजा सुनाई है.







