लखनऊ के इमामबाड़े टूरिज्म के लिए नहीं है-मौलाना क़ल्बे जव्वाद

वरिष्ठ शिया धर्मगुरु की तीखी प्रतिक्रिया

लखनऊ (उत्तर प्रदेश उपसंपादक सय्यद गुलाम हुसैन) – बड़े इमामबाड़े को टूरिस्ट के लिए खोल दिया गया है लेकिन जो इमामबाड़ा मजलिस और मातम के लिए बनाया गया था अभी तक उसमें प्रशासन द्वारा मजलिस करने की अनुमति नहीं दी गई है , जिसको लेकर मौलाना कल्बे जवाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की मौलाना ने कड़े तेवर में कहा इमामबाड़े टूरिज्म के लिए नहीं है।
जिस तरीके से हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, वह ठीक नहीं है। अगर इमामबाड़ा में टूरिस्ट को इजाज़त दी गई है तो हमे भी मजलिस करने से रोका नहीं जा सकता।
कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मौलाना कल्बे जवाद ने कहा यह हमारे साथ गलत किया जा रहा है।प्रशासन में बैठे हुए कुछ लोग लगातार हमारी भावनाओं को आहत करने वाले निर्णय ले रहे हैं।
इसका जिम्मेदार कौन है और उसने करोना माहमारी पर पूरे देश में मोहर्रम पर हर तरह का सहयोग दिया लेकिन इस प्रकार से इमामबाड़े में अज़ादारी करने से रोका गया तो जज्बात को काबू करना हर किसी के लिए मुश्किल होगा।
मौलाना ने प्रशासन को चेताया कि वह इमामबाड़े में अज़ादारी की पूरी इजाजत दें और जिसे सोशल डिस्टेंस के साथ सभी मानकों को पूरा करते निभाया जाएगा ।
इमामबाड़ा अजादारी मजलिस के लिए बनाए जाते हैं ना कि पर्यटकों के घूमने के लिए। करोड़ो शियो को प्रदेश सरकार नजरअंदाज कर रही है।
मौलाना ने कहा कि प्रशासन अगर किया को नजरअंदाज करके इमामबाड़े में केवल पर्यटकों को ही प्रवेश की अनुमति देता है तो फिर हमें भी इमामबाड़े में बिना किसी अनुमति के अजादारी करने से रोका नहीं जा सकता।

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