नई दिल्ली (उपसंपादक तहरीम वाहीद) – लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का अस्पताल में निधन हो गया है. वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. पासवान की हाल ही में बायपास सर्जरी हुई थी.वे 74 वर्ष के थे. उनके बेटे चिराग पासवान ने एक ट्वीट करके पिता के निधन की जानकारी दी. उन्होंने लिखा, ”पापा….अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं.
पिछले कई दिनो से पापा का अस्पताल में इलाज चल रहा है।कल शाम अचानक उत्पन हुई परिस्थितियों की वजह से देर रात उनके दिल का ऑपरेशन करना पड़ा।ज़रूरत पड़ने पर सम्भवतः कुछ हफ़्तों बाद एक और ऑपरेशन करना पड़े।संकट की इस घड़ी में मेरे और मेरे परिवार के साथ खड़े होने के लिए आप सभी का धन्यवाद।
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) October 3, 2020
राजनीति की नब्ज पकड़ने वाले रामविलास पासवान पहली बार1969 में एक आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य के रूप में बिहार विधानसभा पहुंचे थे। 1974 में राज नारायण और जेपी के प्रबल अनुयायी के रूप में लोकदल के महासचिव बने थे। वे व्यक्तिगत रूप से राज नारायण, कर्पूरी ठाकुर और सत्येंद्र नारायण सिन्हा जैसे आपातकाल के प्रमुख नेताओं के करीबी रहे हैं।
1946 में बिहार के खगड़िया में जन्मे रामविलास पासवान ने एक छोटे से इलाके से निकलकर दिल्ली की सत्ता तक का सफर अपने संघर्ष के बूते तय किया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगभग पांच दशक तक वो बिहार और देश की राजनीति में छाये रहे। इस दौरान दो बार उन्होंने लोकसभा चुनाव में सर्वाधिक मतों से जीतने का विश्व रिकॉर्ड भी कायम किया।







