राजकुमार
दुनिया झुकती है, यह बात सच्ची
है, *चड़ते सूरज को सभी सलाम
करते है, जब थे, राजकुमार जानी
तब सब उनके आगे झुकते भी थे
और *सलाम भी करते थे *उनको
तभी तो *लाखों में एक थे *जानी
बड़े बड़े *डायरेक्टर और हीरो भी
की *हिम्मत नहीं *होती थी कि वो
राजकुमार जानी* जी* की *कोई
बात काट सके, *अपनी *मर्जी के
रोल निभाते थे, *राजकुमार जानी
तभी तो *लाखों में एक थे *जानी
घुग्गा को *हंसी आती है उन सब
फिल्मों में कमजोर से *डायरेक्टर
और हीरो पर जो कभी राजकुमार
जानी जी के आगे झुकते थे आज
सब भूले है *पुरु राजकुमार को
तभी तो *लाखों में एक थे *जानी
घुग्गा का *मस्वरा है, मेरे भाई मेरे
अनजान दोस्त पुरु राजकुमार
जानी* को *शेर बन के आगे आए
घुग्गा* को *फोन लगाए *तब हम
दोनों *मिलकर *जबरदस्त फिल्म
बनाए, और *फिर पूरी *दुनिया में
राजकुमार जानी की *शान बड़ाए
अमरजीत सिंह (घुग्गा), पटियाला
9915001316






