नहीं थम रहा सोने में गिरावट का सिलसिला, जानिए गिरते-गिरते क्या हो गई होगी नई कीमत

मुंबई (प्रतिनिधी हितेश मिस्री) – सोने की कीमतों में आज भी गिरावट देखने को मिली है। आज सुबह सोना 76 रुपये की मामूली गिरावट के साथ खुला। उसके बाद के कारोबार में भी सोना लगातार गिरता ही दिख रहा है।कोरोना वैक्सीन की घोषणा के बाद सोने की कीमतों में जो गिरावट आई थी, वह खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। कभी अगर सोना थोड़ा सुधर जाता है तो अगले ही दिन उसमें गिरावट दिखने लगती है। अभी भी सोना गिरावट के साथ खुला। शुक्रवार को 52,227 के स्तर पर बंद हुआ सोना आज नए कारोबारी सप्ताह के पहले ही दिन 76 रुपये की मामूली गिरावट के साथ 52,151 के स्तर पर खुला। परेशानी की बात ये है कि सोने में गिरावट इसके बाद के कारोबार में भी बढ़ती ही जा रही है। बाजार खुलने के महज चंद मिनटों के कारोबार में ही ऐसा भी वक्त आया जब सोने ने 52,220 रुपये का उच्चतम स्तर और 52,113 रुपये का निम्नतम स्तर छुआ। यानी उच्चतम स्तर भी गिरावट की भरपाई वाला नहीं रहा।रूस द्वारा कोरोना टीका बनाने का दावा करने के बाद सोने और चांदी के दाम में बीते सप्ताह भारी गिरावट आई। लेकिन, आर्थिक सुस्ती,अमेरिका-चीन के बीच तकरार और डॉलर में कमजोरी से सोने और चांदी की तेजी को आगे भी सपोर्ट मिलने के आसार हैं। कमोडिटी विशेषज्ञों की माने तो सोने और चांदी के प्रति निवेशकों को आकर्षण अभी कायम है क्योंकि कोरोना का कहर अभी टला नहीं है और शेयर बजार में अनिश्चितता बनी हुई है। विशेषज्ञ बताते हैं कि महंगी धातुओं के प्रति निवेशकों का आकर्षण कम नहीं हुआ है, यही वजह कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने का वायदा भाव रिकॉर्ड उंचाई 2089 डॉलर प्रति औंस से 215 लुढ़ककर 1874 डॉलर पर आ गया, लेकिन सप्ताह के आखिर में सोने का भाव 1953.60 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, जोकि इससे पहले के रिकॉर्ड स्तर काफी उपर है। सोने का वायदा भाव इससे पहले 2011 में 1,911.60 डॉलर प्रति औंस तक उछला था।सोना गहरे संकट में काम आने वाली संपत्ति है, मौजूदा कठिन वैश्विक परिस्थितियों में यह धारणा एक बार फिर सही साबित हो रही है। कोविड-19 महामारी और भू-राजनीतिक संकट के बीच सोना एक बार फिर रिकॉर्ड बना रहा है और अन्य संपत्तियों की तुलना में निवेशकों के लिए निवेश का बेहतर विकल्प साबित हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि उतार-चढ़ाव के बीच सोना अभी कम से कम एक-डेढ़ साल तक ऊंचे स्तर पर बना रहेगा। दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का मानना है कि कम एक साल तक सोना उच्चस्तर पर रही रहेगा। वह कहते हैं कि संकट के इस समय सोना निवेशकों के लिए ‘वरदान’ है। गोयल मानते हैं कि दिवाली के आसपास सोने में 10 से 15 प्रतिशत तक का उछाल आ सकता है।एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिवाली तक सोने का भाव नया रेकॉर्ड बनाएगा। वहीं जेपी मॉर्गन का कहना है कि वर्तमान में आर्थिक, महामारी और राजनीतिक हालात के मद्देनजर इसकी पूरी संभावना है कि सोना 70 हजार के स्तर को दिवाली तक छू जाए। उनका कहना है कि अगर कोरोना वैक्सीन आ भी जाती है तो भी ग्लोबल इकॉनमी में सुधार में अभी काफी समय है। तब तक सोने की कीमत में तेजी दर्ज की जाएगी।

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