मुंबई (विशेष प्रतिनिधी) | सांसद श्री नीलेश ज्ञानदेव लांके द्वारा महाराष्ट्र के डीजीपी पुलिस को पत्र लिखकर मेसर्स फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज (प्राइवेट) लिमिटेड द्वारा अन्य राज्यों की लॉटरी के संचालन में महाराष्ट्र के लोगों के साथ कर चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी जैसी अनियमितताओं का खुलासा।
माननीय सांसद श्री नीलेश ज्ञानदेव लांके ने महाराष्ट्र के डीजीपी पुलिस को पत्र लिखकर मेसर्स फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज (प्राइवेट) लिमिटेड द्वारा कर चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसी विभिन्न अनियमितताओं, लॉटरी विनियमन अधिनियम 1998 और लॉटरी विनियमन नियम 2010 के प्रावधानों के उल्लंघन का उल्लेख किया है। मेसर्स फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज (प्राइवेट) लिमिटेड का कार्यालय महाराष्ट्र में भी है और इसका पता 303, तीसरी मंजिल, 349 बिजनेस पॉइंट, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, अंधेरी ईस्ट, मुंबई – 400069 है। उन्होंने यह भी ध्यान में लाया कि ईडी ने श्री मार्टिन की अनियमितताओं की जानकारी महाराष्ट्र पुलिस के साथ भी साझा की थी, लेकिन आज तक कोई जांच नहीं की गई है। अपने पत्र में उन्होंने निम्नलिखित अनियमितताओं को उजागर किया:
- मेसर्स फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज (प्राइवेट) लिमिटेड द्वारा नागालैंड, पंजाब और सिक्किम राज्य सरकारों की लॉटरी टिकटों की बिक्री में लॉटरी विनियमन नियम 2010 के नियम 3(3) का उल्लंघन। नियम के अनुसार, ये राज्य लॉटरी योजना में मुद्रित टिकटों की वास्तविक संख्या का खुलासा नहीं कर रहे हैं, जिससे अवैध बिक्री, धोखाधड़ी और जालसाजी हो सकती है क्योंकि विजेता संख्या गैर-मुद्रित टिकटों से निकाली जा सकती है। नागालैंड राज्य अपनी लॉटरी योजना को वेबसाइट पर भी अपलोड नहीं कर रहा है।
- नागालैंड और सिक्किम राज्यों की लॉटरी टिकटों को 5, 10, 20, 50, 100, 200 के बंडल में बेचकर धारा 194B के तहत टीडीएस देयता से बचना और मनी लॉन्ड्रिंग करना, जिसके कारण एजेंटों द्वारा 10,000 रुपये से 18 लाख रुपये तक की पुरस्कार राशि बिना टीडीएस काटे नकद में दी जाती है। इससे प्रति वर्ष लगभग 1500-2000 करोड़ रुपये के टीडीएस राजस्व का नुकसान हो सकता है। सूचना के अनुसार, आयकर विभाग ने 12.10.23 को की गई छापेमारी में टीडीएस चोरी के लिए 6000 करोड़ रुपये से अधिक की मांग का नोटिस जारी किया था।
- साप्ताहिक लॉटरी के नाम पर बंपर लॉटरी बेचकर लॉटरी विनियमन अधिनियम 1998 की धारा 2(क) का उल्लंघन करना।
- राज्य सरकारों की लॉटरी के अधिकृत एजेंटों का पंजीकरण/प्रमाणीकरण न होना, जिससे पुलिस कर्मियों के लिए अवैध लॉटरी संचालकों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने पुलिस विभाग से मामले की जांच करने और लॉटरी विनियमन अधिनियम 1998 की धारा 7, 8 और 9 तथा बीएनएस 2023 की संबंधित धारा के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।
DGP Maharashtra Lottery Investgation Letter 01.04.2026







