लखनऊ (उत्तर प्रदेश उपसंपादक सय्यद गुलाम हुसैन) – बिकरू कांड में गुरुवार को एसटीएफ ने 25 हजार के इनामी धीरू दुबे को गिरफ्तार कर चौबेपुर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उससे पूछताछ करने के बाद जेल भेज दिया है। इसी के साथ रमेश चन्द्र दुबे समेत उसके तीनों बेटे जेल पहुंच चुके हैं। पुलिस ने पिता और बीरू दुबे की निशानदेही पर असलहा और कारतूस बरामद किया है।
बिकरू में रहने वाला धीरेन्द्र उर्फ धीरू दुबे घटना वाले दिन गांव में मौजूद था और उसने भी विकास दुबे की मदद की थी। इससे पूर्व मंगलवार को हीरू दुबे ने माती कोर्ट में सरेंडर किया था, वह धीरू का भाई है। बुधवार को पिता रमेश चन्द्र दुबे और हीरू के भाई बीरू दुबे को चौबेपुर पुलिस और एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार कर लिया था। वहीं गुरुवार को एसटीएफ को सूचना मिली कि धीरू दुबे कन्नौज कानपुर मार्ग पर मौजूद है। एसटीएफ की टीम ने वहां दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे चौबेपुर थाने को सौंप दिया गया।
भाई के नाम पर लोगों को परेशान करता था
धीरू को लेकर बिकरू गांव में पूछताछ में पुलिस को पता चला कि वह कोई काम नहीं करता था। उसका भाई हीरू दुबे रोजगार सेवक था और प्रधान अंजली दुबे का सारा काम वही देखता था। धीरू सिर्फ अपने भाई के नाम पर गांव में दबंगई करता घूमता था। ग्रामीणों को धमकाना। उनसे मारपीट और उन्हें परेशान करना ही उसका शौक था। घटना वाले दिन धीरू ने भाई तक असलहा और कारतूस पहुंचाने में मदद की थी। साथ ही खुद भी दो से तीन फायर तमंचे से किए थे।
दो तमंचे और कारतूस बरामद
पुलिस ने गुरुवार को रमेशचन्द्र और बीरू दुबे से पूछताछ के बाद आला कत्ल की बरामदगी कराई। इसमें पुलिस ने 315 बोर के दो देसी तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक मिस कारतूस और दो जिंदा कारतूस .315 बोर बरामद किए हैं।







