पटना (प्रतिनिधी) – उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि कोरोना के बहाने राजद चाहता था कि चुनाव टल जाए। मतदान हो भी तो बैलेट पेपर के जरिये ताकि लाठी में तेल पिलाने वाली पार्टी को बूथ लूट का मौका मिले।
सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा कि चुनाव आयोग ने बिहार में चुनाव के लिए दिशा-निर्देश जारी कर अनिश्चितता की स्थिति समाप्त कर दी। आयोग की गाइड लाइन से स्पष्ट है कि कोरोना काल में मतदाताओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। आयोग ने राजद की मांग ठुकरा कर निष्पक्ष, स्वतंत्र और सुरक्षित चुनाव के प्रति जनता का भरोसा बढ़ाया।
एक अन्य ट्वीट में कहा कि बिहार की पहली एनडीए सरकार ने स्कूलों मे छात्र-शिक्षक अनुपात को ठीक करने के लिए निश्चित वेतन पर शिक्षकों की नियुक्तियां कीं और दो चरणों में 3 लाख से ज्यादा शिक्षित बेरोजगार युवाओं को टीचर बनने का अवसर दिया था। 15 साल में इन शिक्षकों की सेवाशर्तों में काफी सुधार हुआ। वेतन 5 हजार से बढ़ कर 25 हजार तक हो गया। जनता ने फिर सेवा का मौका दिया, तो शिक्षकों की बाकी अपेक्षाएँ भी एनडीए सरकार ही पूरी करेगी। लालू- राबड़ी राज में सरकारी स्कूलों का बुरा हाल था। वर्षों से टीचर भर्ती नहीं हुई थी और जो नियुक्त थे, उन्हें मुश्किल से वेतन मिलता था।







