- हर साल मोहर्रम में निकलने वाला आशूरा का ऐतिहासिक जुलूस इस बार नहीं निकाला गया ।
- कोर्ट ने कहा कि कोविड – १९ का खतरा बहुत बढ़ रहा है।
- लल्लापुरा चौकी इंचार्ज विजय यादव भारी पुलिस बल के साथ मौजूद||
लखनऊ (उत्तर प्रदेश उपसंपादक सय्यद गुलाम हुसैन) – वाराणसी में मोहर्रम की दस तारीख के मद्देनजर सिगरा
थानांतर्गत लल्लापुरा चौकी छेत्र में स्थित फातमान दरगाह को जाने वाले रास्ते ए०ओ० मुस्लिम इंटर कॉलेज की सड़क पर लल्लापुरा चौकी इंचार्ज विजय यादव के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स की तैनाती के साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से पुख्ता इंतजाम किये गए।
आपको बताते चलें की मोहर्रम की दस तारीख वाराणसी में हर साल आशूरा के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोंग बड़ी संख्या में एकत्रित हो कर बड़े ही धूमधाम से इस गम के माहौल में ताजिये का जुलूस निकालते थें जो कि दरगाह – ए – फातमान पहुंचने के बाद वहां की जमीन में ताजिये को दफन कर दिया जाता था लेकिन इस बार हाईकोर्ट ने आशूरा के दिन ताजिया दफन करने की इजाजत नहीं दी क्योंकि कोर्ट का ये मानना है कि ऐसे हालात में जब कोविड – १९ वायरस महामारी के रूप में पूरी तेजी के साथ लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है ऐसे नाजुक समय में किसी भी तरह के जुलूस को निकालना सभी के लिए घातक साबित हो सकता है और इसी कारणवश कोर्ट की तरफ से इस बार जुलूस निकालने की अनुमति नहीं मिली है ।
हाई कोर्ट के आदेश व सरकार द्वारा दिये हुए निर्देशों को ध्यान में रखते हुए जनता को कोविड – १९ के वायरस से बचाव हेतु सिगरा थाना छेत्र के तेज / तर्रार लल्लापुरा चौकी इंचार्ज विजय यादव अपने सिपाहियों के दल / बल के साथ मौजूद दिखें और एक से अधिक की संख्या में आने / जाने वालों को सख्त हिदायत देते हुए कोरोना की महामारी के प्रति जागरूक करते हुए इससे बचाव के लिए सुझाव भी दिए ।।







