मध्यप्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अब अंडे की जगह दूध दिया जाएगा।

  • अंडा परोसने का निर्णय कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने लिया था,
  • जैन संतों ने विरोध किया था।
  • एक जैन संत की भावना के अनुरूप जनवरी 2020 में लिखा था ब्लॉग।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्णय लिया है कि अब आंगनबाड़ी केन्द्रों से जुड़ी महिलाओं और बच्चों को अंडे की जगह दूध दिया जाएगा। चौहान का कहना है कि दूध में भी पौष्टिक तत्व होते हैं जो बच्चे को कुपोषण से बचाएंगे। असल में गत कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक कारणों से अंागनबागड़ी केन्द्रों पर अंडा परोसने का निर्णय लिया था। तब मुख्यमंत्री कमलनाथ का तर्क रहा कि अंडे में पौष्टिक तत्व होते हैं जो गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए जरूरी है। हालांकि कमलनाथ सरकार के इस फैसले का देशभर के जैन साधु संतों ने मुखर होकर विरोध किया था। तब सभी धर्मों के साधु-संतों का मानना रहा कि अंडा मांसाहार की श्रेणी में आता है। जैन संतो ने तब सीएम कमलनाथ से भी आग्रह किया था कि सरकारी योजनाओं में अंडे को शामिल नहीं किया जाए। लेकिन तब जैन संतों की कोई सुनवाई नहीं हुई। लेकिन अब जब मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार की जगह भाजपा की सरकार बन गई है, तब सीएम चौहान ने जैन संतों की भावनाओ के अनुरूप निर्णय लिया है।
जनवरी में लिखा था ब्लॉग:
जनवरी 2020 में श्वेताम्बर वर्धमान स्थानकवासी श्रावक संघ से जुड़े एक राष्ट्रीय संत अजमेर पधारे थे। तब उन्होंने मुझे पुष्कर रोड स्थित जैन तीर्थ स्थल पर बुलाया। अजमेर के लेखा विशेषज्ञ राजेश जैन की पहल पर हुई इस मुलाकात की पहली शर्त यह थी कि मैं अपने ब्लॉग में जैन संत के नाम पर उल्लेख नहीं करुंगा। मैं जैन संतों की भावना तो लिखूं, लेकिन उनके नाम से नहीं। मुझे तभी यह अहसास हुआ कि ऐसे संत जो ठान लेते हैं उसे पूरा ही करते है। तब किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि कांग्रेस में बगावत होगी और मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिर जाएगी। मैंने अपना ब्लॉग जैन संत की भावनाओं के अनुरूप ही लिखा। शब्द भले ही मेरे हों, लेकिन भावना और आध्यात्मिक ताकत जैन संत की थी। इसी का परिणाम रहा है कि अब शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अंडा परोसने पर रोक लगा दी है। कुछ लोग भले ही अंडे को मांसाहार नहीं माने, लेकिन दूध में भी पौष्टिकता कम नहीं होती है। दूध में सभी प्रकार के पौष्टिक तत्व होते हैं।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here