आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी है लघु उद्योगों को राहत देना।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) – कोरोना काल में देश को आर्थिक संकट से उभारने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया है। इसी प्रकार राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चाहते हैं कि चीन छोड़कर आने वाली कंपनियां राजस्थान में आ जाएं। इसके लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी भी बनाई गई है। लेकिन मोदी और गहलोत की मंशा तभी पूरी होगी, जब लघु उद्योग को राहत मिलेगी। राजस्थान के उद्यमियों में वो ताकत है जिसके बल पर औद्योगिक विकास किया जा सकता है। सबसे बड़ी समस्या सरकार का अपेक्षित सहयोग नहीं मिलना है। एक छोटी औद्योगिक ईकाई लगाने के लिए विभिन्न विभागों से अनुमति लेनी होती है। विभागों से अनुमति कैसे मिलती है, यह सब जानते हैं। लेकिन फिर ऐसे अनेक उद्योगपति हैं जो सफलता प्राप्त कर ही लेते हैं। ऐसे ही एक उद्योगपति जुगलकिशोर अग्रवाल से मेरी हाल ही मे मुलाकात हुई। अग्रवाल का चूने का पुश्तैनी कारोबार है। अग्रवाल ने इस कारोबार को तो आगे बढ़ाया ही साथ ही छोटा सीमेंट प्लांट लगाकर नामी कंपनियों की सीमेंट को टक्कर दी। नागौर जिले के मेड़ता के निकट बाकलियावास गांव में पांच हजार टन उत्पादन वाला सीमेंट प्लांट लगाया है। यहां तैयार होने वाली जेके शियान और एलसी मार्क वाली सीमेंट नामी कंपनियों से सस्ती है। 50 किलो का जो बैग बड़ी कपंनियां 360 रुपए तक में मिलता है, वही 50 किलो का बैग उपभोक्ता को 320 रुपए तक में उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके साथ ही थोक और फुटकर विक्रेता को कई स्कीमें दी जा रही है। अग्रवाल ने बताया कि जिस क्लींकर (लाइम स्टोन और कोयले का मिश्रण) का उपयोग नामी कपंनियां करती है उसी क्वालिटी के क्लींकर का इस्तेमाल जेके शियान और एलसी सीमेंट बनाने में किया जाता है। नामी कंपनियां फ्लाएस (परमाणु भट्टी की राख) को मिलाने में कंजूसी बरतती है, लेकिन हमारे प्लांट में सीमेंट की मजबूती के लिए निर्धारित प्रतिशत में ही फ्लाएस मिलाया जाता है। सीमेंट निर्माण के लिए सरकार ने जो मानक बना रखे हैं, उन सभी का पालन किया जाता है। प्लांट परिसर में ही प्रयोगशाला स्थापित कर रखी है, जहां अनुभवी विशेषज्ञ सीमेंट की गुणवत्ता की जांच करते रहते हैं। चूंकि हमारी सीमेंट मजबूत निर्माण की गारंटी है, इसलिए बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है। यही वजह है कि अब 15 हजार टन की क्षमता वाला नया प्लांट लगाया जा रहा है। अग्रवाल ने कहा कि अब सरकार भी स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहन देने लगी है। ऐसे में लोगों का विश्वास भी बढ़ रहा है। मौजूदा समय में उनकी सीमेंट पश्चिमी राजस्थान के साथ देश के सबसे विकसित चंडीगढ़ शहर में खूब चल रही है। अग्रवाल ने कहा कि छोटे और नए उद्योगों को सरकार को जीएसटी में थोड़ी राहत देनी चाहिए। इस समय समेंट पर 28 प्रतिशत जीएसटी वसूली जाती है। नए उद्योगों को पांच वर्ष तक जीएसटी में छूट दी जानी चाहिए। यदि लघु उद्यमियों को सरकार सहयोग करें तो आत्म निर्भर भारत का अभियान सफल हो सकता है। इस संबंध में और अधिक जानकारी मोबाइल नम्बर 9314519078 पर जुगलकिशोर अग्रवाल से ली जा सकती है।

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