आचार संहिता उल्लंघन मामले में आरजेडी के 4 विधायक समेत 7 नेताओं ने किया सरेंडर

पटना (संवाददाता) – बीते लोकसभा चुनाव के दौरान धारा 144 का उल्लंघन करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देने व नारेबाजी करने के मामले में मंगलवार को राजद के चार विधायक समेत सात नेताओं ने विशेष कोर्ट में सरेंडर किया। सरेंडर के बाद विशेष कोर्ट ने सभी को बेल पर मुक्त कर दिया।
बेल लेने वालों में साहेबगंज के विधायक सह पूर्व मंत्री रामविचार राय, औराई के विधायक सुरेंद्र यादव, मीनापुर के विधायक राजीव रंजन उर्फ मुन्ना यादव, सकरा के विधायक लालबाबू राम, जिलाध्यक्ष रमेश गुप्ता, वसीम अहमद मुन्ना व मो. इजराइल मंसूरी शामिल हैं।
मामले को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट कटरा के कृषि समन्वयक विश्वजीत कुमार सक्सेना ने 25 अप्रैल 2019 को नगर थाने में एफआईआर करायी थी। एफआईआर में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह समेत दर्जनभर नेताओं को नामजद किया गया। डॉ. सिंह उस समय राजद के टिकट पर वैशाली से चुनाव लड़ रहे थे। वहीं के प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी के नाम निर्देशन पत्र व उम्मीदवारी पर कई सवालों के साथ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। मजिस्ट्रेट ने एफआईआर में बताया कि समीक्षा के पश्चात वीणा देवी के नाम निर्देशन पत्र को स्वीकृत कर दिया गया।
मजिस्ट्रेट के बयान पर 24 अप्रैल 2019 को पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह, उनके समर्थकों व राजद नेताओं पर नगर थाने में दो अलग अलग एफआईआर करायी गई थी। पहली एफआईआर में विधायक रामविचार राय, सुरेंद्र यादव, मुन्ना यादव, ठाकुर धर्मेंद्र सिंह, मयंक कुमार व वसीम अहमद मुन्ना समेत नौ को नामजद किये गये थे। जबकि दूसरी एफआईआर में रघुवंश प्रसाद सिंह, मुन्ना यादव, लालबाबू राम, नंद कुमार राय, सुरेंद्र यादव व रमेश गुप्ता के अलावा दो सौ अज्ञात को शामिल किया गया था। बता दें कि बीते पखवाड़े डॉ. सिंह का निधन हो गया।

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