अजमेर (एस.पी.मित्तल) – जिला पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने कहा है कि सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक एक जुलाई से ग्रामीण क्षेत्र के धार्मिक स्थल खुल जाएंगे। इनमें मस्जिद, मंदिर, गुरुद्वारे, चर्च एवं अन्य अराधना स्थल शामिल होंगे। लेकिन सभी धर्मालम्बियों को सरकार की गाइड लाइन का पालन करना होगा। किसी भी स्थल पर एक साथ पचास से ज्यादा व्यक्ति एकत्रित नहीं हो सकेंगे। एसपी ने कहा कि स्थानीय निकाय वाले क्षेत्रों को शरही सीमा में माना जाएगा, इसलिए नगर निगम से लेकर नगर पालिका तक के क्षेत्रों में धार्मिक स्थल नहीं खुलेंगे। यदि किसी धार्मिक स्थल को लेकर असमंजस की स्थिति हो तो संबंधित उपखंड अधिकारी से सम्पर्क किया जा सकता है। धार्मिक स्थलों पर फिजिकल डिस्टेंसिंग भी रखना जरूरी है। एसपी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। यदि किसी स्थान पर गाइड लाइन की अवेहलना होते दिखी तो सख्त कार्यवाही की जाएगी। हो सकता है ऐसे धार्मिक स्थल को बंद भी करवा दिया जाए। एसपी ने स्पष्ट किया कि अजमेर के निकट जैन तीर्थ और सरवाड़ में ख्वाजा फाखरुद्दीन साहब की दरगाह जैसे धार्मिक स्थल नहीं खुलेंगे, फिलहाल बंद ही रहेंगे। मालूम हो कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए गत 22 मार्च से धार्मिक स्थलों को भी बंद कर दिया गया था। सरकार के निर्णय के मुताबिक शहरी क्षेत्र के धार्मिक स्थल तो अभी बंद ही रहेंगे। सरकार ने सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों के धार्मिक स्थल खोलने की अनुमति दी है।
मंदिरों में बजेगी घंटियां:
जिले भर के ग्रामीण क्षेत्रों मे संचालित मंदिरों में एक जुलाई की सुबह से ही घंटियां बजना शुरू हो जाएंगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा पूजा पाठ भी शुरू हो जाएगा। अब ऐसे मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगी हुई थी। सरकार की गाइड लाइन के अनुसार मंदिरों के संचालकों एवं पुजारियों ने पूरी तैयारी कर ली है। पुष्कर के निकट बांसेली गांव में बना चित्रकूट धाम आगामी 6 जुलाई को खुलेगा। 11 फिट ऊँची शिवलिंग वाले धाम के उपासक पाठकजी महाराज ने बताया कि वे 5 जुलाई गुरुपूर्णिमा तक विशेष धार्मिक अनुष्ठान में हैं, इसलिए श्रद्धालुओं के लिए 6 जुलाई से धाम को खोला जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के मंदिरा खुलने से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
जिले में 450 मस्जिदों में होगी नमाज:
एक जुलाई से अजमेर के ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदों में भी नमाज पढऩे का काम शुरू हो जाएगा। जिले भर की मस्जिदों के रख रखाव में सक्रिय भूमिका निभाने वाली संस्था इदारा दावातुल हक ऊंटड़ा के सचिव मौलाना अयूब ने बताया कि अजमेर में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 615 मस्जिदें संचालित है। इनमें से करीब 450 मस्जिदें ग्रामीण क्षेत्र में हैं। ऐसी सभी मस्जिदें सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। एक समय में पचास से ज्यादा नजामी एकत्रित नहीं होंगे। सभी मस्जिदों को सैनेटाइज किया गया है। मस्जिद में आने वाले अकीदतमंदों को भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं। मस्जिदों को खोलने को लेकर यदि किसी को कोई परेशानी है तो वह मोबाइल नम्बर 9950578600 पर मौलाना अयूब से संवाद कर सकता है।
तीन अवैध कॉम्प्लेक्स सीज।
30 जून को नगर निगम ने बड़ी कार्यवाही करते हुए अजमेर में लाखन कोटड़ी में दो अवैध कॉम्प्लेक्सों को सीज कर दिया है। लाखन कोटड़ी का इलाका ख्वाजा साहब की दरगाह से जुड़ा हुआ है। निगम के उपायुक्त गजेन्द्र सिंह रलावता ने बताया कि लाखन कोटड़ी में भय्यू और मेहफूज रहमान के पांच मंजिला कॉम्प्लेक्स और रामबाबू सोनी रग्त्या गली नला बाजार चार मंजिला कॉम्प्लेक्स को सीज किया गया है। ये तीनों कॉम्प्लेक्स निगम की निर्धारित स्वीकृति के विपरीत बन रहे थे। मालूम हो कि इन दिनों निगम प्रशासन अभियान चला कर अवैध व्यवयायिक निर्माणों को सीज कर रहा है।







