ब्राह्मण समुदाय में रोष। अंतिम संस्कार से पहले 50 लाख रुपए का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग। प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट-पूनिया।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 9 अक्टूबर को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में पुजारी बाबूलाल वैष्णव की मौत हो गई है। वैष्णव करौली जिले के सपोटरा में राधा गोविंद मंदिर के पुजारी थे। 8 अक्टूबर को जमीन विवाद में अतिक्रमण कारियों ने पुजारी वैष्णव पर पेट्रोल डाल कर सरेआम आग लगा दी थी। झुलसी हुई अवस्था में ही पुजारी को जयपुर के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वैष्णव की मौत होने से ब्राह्मण समुदाय में रोष व्याप्त हो गया है।
सैकड़ों लोग अस्पताल के मुर्दा घर के बाहर जमा हो गए। इस बीच परिजन ने मांग रखी है कि जब तक पचास लाख रुपए का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी का आदेश नहीं मिलेगा तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिजन ने संबंधित थानाधिकारी को सस्पेंड करने की भी मांग की। आरोप लगाया गया कि पुजारी वैष्णव ने मंदिर की भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ थाने में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस अतिक्रमण कारियों की मददगार बनी रही। इसीलिए आरोपियों ने पुजारी को जिंदा जिला दिया।
हालांकि इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है तथा शेष आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है। इस घटना पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूनिया ने कहा कि प्रदेश में पहले ही आए दिन बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं और अब लोगों को जिंदा जलाया जा रहा है। अपराध की इन घटनाओं से प्रतीत होता है कि राजस्थान में कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। अपराधियों में पुलिस का कोई भय नहीं है। पुलिस का स्लोगन है-आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय। लेकिन बलात्कार और जिंदा जलाने की घटनाओं से प्रतीत होता है कि अब अपराधियों में विश्वास और आमजन में भय है। पूनिया ने कहा कि आपराधिक घटनाओं के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जिम्मेदार हैं। गहलोत के पास ही गृह विभाग की कमान भी है। ऐसे में आपराधिक वारदातों के लिए गहलोत ही जिम्मेदार है।
सख्त कार्यवाही होगी-डोटासरा:
सपोटरा की घटना पर दु:ख जताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। इस गंभीर मामले में कोई कौताही नहीं बरती जाएगी।







