योग और आयुर्वेद के खिलाफ ड्रग माफिया का षडय़ंत्र सफल न होने दें-स्वामी रामदेव।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – एक जुलाई को योग गुरु और पतंजलि के प्रमुख स्वामी रामदेव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। स्वामी ने कहा कि कोरोना वायरस को नियंत्रित करने और शरीर में इम्युनिटी बढ़ाने वाली उनकी दवा अब राजस्थान और महाराष्ट्र में भी बिकेंगी।
इसके लिए दिव्य कोरोनिल टेबलेट, दिव्य अणु तेल और श्वासरी वटी का 535 रुपए का किट बाजार में उपलब्ध है। इस दवा को लेकर जो विवाद था उसे भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने समाप्त कर दिया है। मंत्रालय ने पतंजलि की कोशिशों की प्रशंसा की है। स्वामी रामदेव ने कहा कि मेडिकल साइंस के नियमों के अंतर्गत कोरोना वायरस पीडि़त मरीजों पर क्लीनिकल ट्रयल किया गया था।
तीन दिन में 69 प्रतिशत मरीज ठीक हो गए। सभी काम नियमों के अनुरूप करने के बाद भी मेरे विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई। ऐसा प्रदर्शित किया गया कि मैं आतंकवादी हंू। जबकि मैंने तो योग और आयुर्वेद का मान पूरी दुनिया में बढ़ाया है। हमारी दवाएं आयुर्वेद की औषधियों पर निर्भर है जिनका कभी साइड इफेक्ट नहीं होता है। यदि मैं कोरोना पीडि़तों को राहत देने वाला कार्य कर रहा हंू तो इसमें गलत क्या है? जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस से परेशान है, जब भारत की आयुर्वेद पद्धति से इस वायरस को रोकने का काम पतंजलि कर रहा है। जहां हमारी प्रशंसा होनी चाहिए, वहां हमें जेल में बंद करने की धमकी दी जा रही है।
स्वामी रामदेव ने कहा कि बाजार में कोरोना के इलाज के नाम पर पांच हजार रुपए का इंजेक्शन और 500 रुपए की एक गोली बेची जा रही है, लेकिन ऐसी दवाओं को बेचने वालों के विरुद्ध एक षडय़ंत्र के तहत एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे ड्रग माफिया है। स्वामी ने कहा कि हमने आयुष मंत्रालय के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए ही अब कोरोना वायरस को नियंत्रित करने वाली दवा बाजार में उपलब्ध करवाई है। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि षडय़ंत्रकारी मेरे विरोध के साथ साथ योग और आयुर्वेद का भी विरोध करने लगे हैं, जबकि सब जानते हैं कि आयुर्वेद की औषधियों और नियमित योग से बड़ी से बड़ी बीमारी भी ठीक हो जाती है।
योग और आयुर्वेद का विरोध करने से ऐसे लोगों की मानसिकता का पता चलता है। मैंने और आचार्य बालकृष्ण ने देश दुनिया में योग और आयुर्वेद का मान बढ़ाया है। हमारा प्रयास आगे भी जारी रहेगा। आयुर्वेद की औषधियों को पूरी दुनिया ड्रग के रूप में मान्यता दे, यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी चाहते हैं। आने वाले दिनों में पतंजलि की ओर से गंभीर बीमारियों के इलाज की दवा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। पतंजलि की प्रयोगशाला में 500 वैज्ञानिक काम कर रहे हैं।

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