विधायकों के फोनटेपिंग के प्रकरण में सरकार ने आज तक के न्यूज़ एडिटर के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज कर रखी है।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 16 अक्टूबर को राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बैंच के न्यायाधीश गोवर्धन बारधार ने पत्रकार और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के मीडिया सलाहकार लोकेन्द्र सिंह को अंतरिम जमानत दे दी है। न्यायाधीश बारधार ने निर्देश दिए कि पुलिस कोई विपरीत कार्यवाही नहीं करें। केस डायरी तलब करने के साथ ही इस मामले में अगली सुनवाई 19 नवम्बर निर्धारित की है।
लोकेन्द्र की ओर से एडवोकेट एफएस बोहरा ने पैरवी की। अंतरिम जमानत मिलने के बाद अब गिरफ्तारी का डर नहीं रहा है। लोकेन्द्र सिंह ने अपने जमानत के प्रार्थना पत्र में कहा कि विधायकों के मोबाइल फोन को टेप करने के मामले में द्वेषतापूर्ण तरीके से पुलिस ने कार्यवाही की है। लोकेन्द्र ने इस बात को स्वीकार किया कि गत 7 अगस्त को दोपहर को अपने मोबाल फोन से कुछ मीडिया घरानों को विधायकों के फोन टेप करने की सूचना भेजी थी। लेकिन मेरी सूचना से पहले ही प्रात: 9 बजे राष्ट्रीय न्यूज चैनल न्यूज 18 पर फोन टेपिंग की खबर प्रसारित हो गई।
जब कोई खबर राष्ट्रीय चैनलों पर प्रसारित हो गई है, तो फिर उसी खबर को लेकर मुझे आरोपी बनाया जाना सही नहीं है। लोकेन्द्र ने यह भी कहा कि वे एक्सवाईजेड न्यूज एजेंसी चलाते हैं, उन्होंने अपने वाट्सएप पर अपनी न्यूज एजेंसी की खबर ही भेजी थी। यह एक स्वतंत्रत पत्रकार के तौर पर की गई थी। लोकेन्द्र के प्रार्थना पत्र में दिए गए तर्को के आधार पर ही न्यायालय ने अंतरिम जमानत स्वीकृत की। यहां यह उल्लेखनीय है कि गत जुलाई-अगस्त में जब कांग्रेस के विधायकों को जयपुर और जैसलमेर की होटलों में रखा गया था, तभी सरकार पर आरोप लगा कि होटल में रह रहे विधायकों के मोबाइल फोन टेप किए जा रहे हैं।
हालांकि इन खबरों का सरकार की ओर से तत्काल खंडन किया गया। लेकिन हाल ही में पुलिस ने दो पत्रकारों के विरुद्ध फोन टेपिंग की झूठी खबर प्रसारित करने पर मुकदमा दर्ज किया। इसमें लोकेन्द्र सिंह के अलावा आजतक न्यूज चैनल के राजस्थान के न्यूज एडिटर शरत कुमार भी शामिल हैं।







