एक लाख लीटर दूध का 10 मैट्रिक टन पाउडर बना।
30 मैट्रिक टन पाउडर प्रतिदिन बनाने की क्षमता।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 19 अक्टूबर से अजमेर दुग्ध डेयरी के नए प्लांट में पाउडर बनने का काम शुरू हो गया है। डेयरी के अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने हवन पूजा के बाद नए प्लांट की मशीन का बटन दबा कर पाउडर निकालने का काम शुरू किया। इस अवसर पर चौधरी ने बताया कि डेयरी के नए प्लांट पर 340 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इसमें से 97 करोड़ रुपए पाउडर बनाने वाले प्लांट पर खर्च हुए हैं।
19 अक्टूबर को प्लांट में एक लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग की गई, जिसका 10 मैट्रिक टन पाउडर प्राप्त हुआ। एक लाख लीटर दूध से 10 मैट्रिक टन पाउडर 8 घंटे में तैयार हो गया। यानि चौबीस घंटे में 30 मैट्रिक टन पाउडर बन सकता है। कुछ ही दिनों में प्लांट की पूर्ण क्षमता के अनुसार पाउडर का उत्पादन किया जाएगा। देश में सहकारिता के क्षेत्र में चलने वाली अजमेर डेयरी पहली ऐसी संस्था हैं, जिसके पास प्रतिदिन तीस मैट्रिक टन पाउडर बनाने वाला प्लांट है। चौधरी ने बताया कि पाउडर बनने से उपभोक्ताओं और दुग्ध उत्पादकों दोनों को फायदा होगा।
उपभोक्ताओं को जहां गुणवत्ता वाला पाउडर मिलेगा, वहीं अब पशुपालक भी अपने पशुओं का सम्पूर्ण दूध अजमेर डेयरी को बेच सकते हैं। देश में अजमेर डेयरी ही सर्वाधिक मूल्य में दूध की खरीद करती है। चौधरी ने बताया कि पूर्व में अतिरिक्त दूध का पाउडर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के प्राइवेट प्लांटों में बनवाना पड़ता था, लेकिन नए प्लांट के बाद अजमेर डेयरी जिले से एकत्रित दूध का पाउडर तो बनाएगी ही, साथ ही अन्य डेयरियों के दूध का पाउडर भी बना सकेगी।
इससे अजमेर डेयरी को अतिरिक्त आय होगी। नए प्लांट के शुरू हो जाने से डेयरी के अन्य उत्पादक भी बाजार में आ रहे हैं। अजमेर डेयरी की इस उपलब्धि के लिए मोबाइल नम्बर 9414004111पर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी को बधाई दी जा सकती है।







