- सरकार ने नो मास्क नो एंट्री का नारा दे रखा है।
- कोरोना काल में मास्क नहीं लगाने वालों से जुर्माना भी वसूला जा रहा है।
- शिक्षा मंत्री डोटासरा ने मास्क लगाया।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – राजस्थान के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा 19 नवम्बर को लगातार दूसरे दिन अपने निर्वाचन क्षेत्र केकड़ी (अजमेर) में चुनावी सभाओं को संबोधित करने में व्यस्त रहे। केकड़ी विधानसभा से जुड़ी तीन पंचायत समितियों के सदस्यों तथा जिला परिषद के पांच वार्ड सदस्यों के चुनाव 23 नवम्बर को होने हैं। इसलिए रघु शर्मा 20 नवम्बर तक अपने क्षेत्र के गांवों में चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। 19 नवम्बर को शर्मा ने सरवाड़ पंचायत समिति के 16 गांवों में सभाओं को संबोधित किया। लेकिन चिकित्सा मंत्री होने के बाद भी कोरोना काल में रघु शर्मा ने संबोधन के दौरान मास्क का उपयोग नहीं किया।
रघु के आसपास ग्रामीणों की भीड़ भी रहती है। दो गज की दूरी की पालना के चिकित्सा मंत्री की सभाओं में हो ही नहीं रही है। लोग बिना डरे मंत्री जी को मालाएं और साफे पहना रहे हैं। वोट की खातिर मंत्री भी अपने गले से उतरी मालाओं को सरपंचों आदि को पहना रहे हैं। रघु की किसी भी चुनाव सभा में कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं हो रहा है। नियमों की सरे आम धज्जियां उडाई जा रही है और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। केबिनेट मंत्री का दर्जा होने की वजह से पुलिस भी मौजूद रहती है, लेकिन मंत्री को टोकने की हिम्मत किसी में भी नहीं है।
चुनाव आयोग ने भी सभाओं में कोविड-19 के नियमों की पालना के निर्देश दे रखे हैं, लेकिन निर्वाचन अधिकारी भी मंत्री के रुतबे के आगे मूक दर्शक बने हुए हैं। चुनाव में भूमिका निभाने वाले अधिकांश अधिकारी मंत्री जी की सिफारिश पर ही केकड़ी और अजमेर में तैनात है। ऐसे अधिकारियों का मानना है कि चुनाव को एक माह में समाप्त हो जाएगा। लेकिन फिर सरकार के अधीन ही काम करना होगा। यही वजह है कि चुनाव से जुड़े किसी भी अधिकारी ने इतनी हिम्मत नहीं कि वह कोविड-19 के नियमों की अवेहलना करने पर मंत्रीजी की शिकायत चुनाव आयोग में करे। यह माना कि सरकारी अधिकारियों में हिम्मत नहीं है। लेकिन सवाल उठता है कि जब चिकित्सा मंत्री ही भीड़ में मास्क का उपयोग नहीं करेंगे तो फिर आम व्यक्ति से क्या उम्मीद की जा सकती है?
कोविड-19 के नियमों की पालना के लिए सरकार विज्ञापनों पर करोड़ों रुपया खर्च कर रही है। खुद सरकार ने एक करोड़ मास्क नि:शुल्क बांटे हैं। नो मास्क नो एंट्री का नारा भी दे रखा है। दो गज की दूरी की सीख भी दी जाती है। यदि कोई व्यक्ति कोविड-19 के नियमों की अवेहलना करता है तो उससे जुर्माना भी वसूला जाता है। अब यदि अपील करने वाले मंत्री ही नियमों का उल्लंघन करेंगे तो फिर पालना कैसे होगी। राजस्थान के एक बड़े अखबार में घोषणा की थी कि जो मंत्री मास्क नहीं लगाएगा उसका फोटो लगाकर आलोचना की जाएगी। एक अन्य अखबार ने घोषणा की थी कि यदि कोई मंत्री मास्क नहीं लगाएगा तो उसके समारोह का फोटो प्रकाशित नहीं किया जाएगा। लेकिन चिकित्सा मंत्री के रुतबे के सामने दोनों अखबार भी अपनी घोषणाओं को भूल गए हैं। चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा 18 नवम्बर से अपने निर्वाचन क्षेत्र के गांव में घूम कर कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
डोटासरा ने लगाया मास्क:
19 नवम्बर को जयुपर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने मीडिया से संवाद किया। इस दौरान डोटासरा ने अपने चेहरे पर काले रंग का मास्क लगाए रखा। डोटासरा के मास्क लगाने से जाहिर है कि शिक्षा मंत्री कोविड-19 के नियमों का पालन कर रहे हैं।







