तो क्या गिरीश जोशी जैसे इंजीनियरों की वजह से विद्युत निगमों को करोड़ों का घाटा हो रहा है?

ajmer electricity board

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – राजस्थान के तीनों विद्युत निगम करोड़ों रुपए के घाटे में चल रहे हैं। लाख कोशिश के बाद भी विद्युत चोरी पर रोक नहीं लग पा रही है। वहीं निगम के इंजीनियर मालामाल हो रहे हैं। 20 नवम्बर को ही एसीबी ने अजमेर विद्युत वितरण निगम के अधीन आने वाले उदयपुर सर्किल के अधीक्षण अभियंता गिरीश जोशी के पांच ठिकानों पर एक साथ आकस्मिक जांच की तो 25 करोड़ रुपए की सम्पत्ति का पता चला। राजसमंद और उदयपुर के पोश इलाकों में तो बंगले मिले ही साथ ही करोड़ों रुपए की जमीनों का भी पता चला

 

एसीबी को 23 बैंक खातों की जानकारी भी मिली। 4 लाख 13 हजार रुपए तो घर में यूं ही पड़े मिले। बेनामी सम्पत्तियों की जांच पड़ताल भी हो रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 माह पहले जोशी राजसमंद में नियुक्त थे, लेकिन कांग्रेस के प्रभावशाली नेता रहे और मौजूदा समय में संवैधानिक पद पर बैठे नेता की सिफारिश पर जोशी को उदयपुर सर्किल का अधीक्षण अभियंता बनाया गया। इससे पहले भी बांसवाड़ा से राजसमंद में नियुक्ति करवाने में इसी प्रभावशाली नेता की सिफारिश रही। सब जानते हैं कि गिरीश जोशी भी जेईएन से अधीक्षण अभियंता बने हैं। हो सकता है कि कुछ दिनों में मुख्य अभियंता भी बन जाए। लेकिन सवाल उठता है कि इंजीनियर की नौकरी में इतनी सम्पत्ति कहां से अर्जित कर ली? सिर्फ सरकारी वेतन से तो इतनी सम्पत्ति एकत्रित नहीं की जा सकती है। और जब नेताओं का संरक्षण मिल जाए, तब ऐसे इंजीनियरों की जायजाद और तेजी से बढ़ती है।

 

प्रभावशाली नेताओं की वजह से जोशी जैसे इंजीनियर अपने उच्च अधिकारियों की परवाह भी नहीं करते हैं। अब ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला को यह बताना चाहिए कि गिरीश जोशी किन कारणों से उदयपुर में ही तैनात होते रहे हैं। अजमेर विद्युत वितरण निगम में 13 जिले आते हैं, लेकिन जोशी कभी भी उदयपुर सर्किल से बाहर नहीं गए। विद्युत निगम के इंजीनियरों की पोस्टिंग में राजनेताओं का दखल होता है। जोशी की सिफारिश उदयपुर की राजनीति से जुड़े एक कांग्रेसी नेता करते रहे हैं। कल्ला को अब ऐसे सिफारिश नेता का नाम उजागर करना चाहिए ताकि ऐसे नेता को भी इंजीनियरों के कारनामों की जानकारी हो सके। कोई माने या नहीं लेकिन राजनीतिक संरक्षण की वजह से इंजीनियरों का भ्रष्टाचार बढ़ता है। एसीबी को गिरीश जोशी जैसे अन्य इंजीनियरों की सम्पत्तियों का पता लगाना चाहिए। अजमेर विद्युत निगम में ही ऐसे इंजीनियर भरे पड़े हैं।

 

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