जयपूर (एस.पी.मित्तल) – कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी की अगुवाई वाले गांधी परिवर से जुड़े ट्रस्टों की जांच अब एक कमेटी करेगी। इस संबंध में 8 जुलाई को केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश जारी किए है। जांच कमेटी का अध्यक्ष प्रवर्तन निदेशालय के स्पेशल डायरेक्टर होंगे। आरोप है कि इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट और राजीव गांधी फाउंडेशन में नियमों के विरुद्ध जाकर विदेशी संस्थानों से चंदा लिया गया। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी दोनों ही देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। जांच के बाद पता चलेगा कि गांधी परिवार से जुड़े ट्रस्टों में देशी-विदेशी किन किन संस्थाओं और प्रभावशाली व्यक्तियों से चंदा प्राप्त हुआ है। ताजा मामला चीन की सत्तारुढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से तीन लाख डॉलर का चंदा लेने वाला सामने आया है। यह राशि राजीव गांधी फाउंडेशन में ली गई है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री रिलीफ फंड की राशि भी फाउंडेशन में जमा करवाई गई है। बैंकों का पैसा लेकर भागा मेहुल चौकसी ने भी गांधी परिवार के ट्रस्टों में करोड़ों रुपया जमा करवाया गया है। डॉ. मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री थे, तब पीएम रिलीफ फंड की राशि फाउंडेशन में जमा करवा दी गई। चीन से चंदा लिए जाने की खबरों के बाद कांग्रेस बेकफुट पर रही है। आरोप रहा कि तीन लाख डॉलर की वजह से कांग्रेस नेता राहुल गांधी चीन के पक्ष में लगातार बयान दे रहे है। सूत्रों की माने तो ट्रस्टों की जांच से गांधी परिवार की मुसीबतें और बढ़ेंगी। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा से दिल्ली में सरकारी बंगला खाली करवाने का मामला हो या गांधी परिवार से एसपीजी की सुरक्षा वापस लेना, इन निर्णयों को लेकर कांग्रेस और गांधी परिवार केन्द्र की मोदी सरकार पर हमलावर है।







