- भाजपा के देहात अध्यक्ष देवी शंकर भूतड़ा जयपुर पहुंचे।
- पंचायत समितियों के प्रधान पद के उम्मीदवारों को भाजपा का पैनल जयपुर भेजा।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) – अजमेर जिला परिषद में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला है। 32 वार्डो में से 21 में भाजपा उम्मीदवार जीते हैं। ऐसे में भाजपा के लिए जिला प्रमुख का पद हासिल करना आसान है। लेकिन जिला प्रमुख पद की प्रबल दावेदार श्रीमती सुशील कंवर पलाड़ा और उनके पति भंवर सिंह पलाड़ा ने भाजपा के प्रदेश नेतृत्व पर जोरदार दबावा बना दिया है। हलांकि भाजपा के देहात संगठन ने प्रदेश नेतृत्व को जो पैनल भेजा है, उसमें श्रीमती पलाड़ा का नाम भी शामिल है।
पैनल में पुखराज पहाडिय़ा, महेन्द्र सिंह मझेवला, श्रवण सिंह रावत आदि के नाम भी हैं। हालांकि जिला प्रमुख पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा प्रदेश नेतृत्व के द्वारा ही की जाएगी। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए देहात अध्यक्ष देवीशंकर भूतड़ा 9 दिसम्बर को जयपुर पहुंच गए हैं। जयपुर में भूतड़ा की मुलाकात संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर, प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया, उपनेता राजेन्द्र सिंह राठौड़ आदि से हुई है। भूतड़ा ने प्रदेश नेताओं को सभी परिस्थितियों से अवगत करा दिया है। भूतड़ा ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश नेतृत्व जो फैसला करेगा, उस पर जिला संगठन की सहमति है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा के 21 नवनिर्वाचित सदस्यों में से कई पलाड़ा दम्पत्ति के पक्के समर्थक हैं। ऐसे समर्थकों को अज्ञात स्थान पर एकत्रित करने में पलाड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका है। श्रीमती पलाड़ा पहले भी जिला प्रमुख रह चुकी हैं। पलाड़ा दम्पत्ति ने जो राजनीतिक दबाव बनाया है उसका फायदा भी मिल सकता है। पुखराज पहाडिय़ा और महेन्द्र सिंह मझेवला की दावेदारी पूरी तरह संगठन पर निर्भर है। अलबत्ता प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र सिंह राठौड़ की सहानुभूति मझेवला के साथ है। सूत्रों के अनुसार श्रवण सिंह रावत के लिए पुष्कर के विधायक सुरेश सिंह रावत और ब्यावर के विधायक शंकर सिंह रावत प्रयासरत हैं। जिला प्रमुख का चुनाव 10 दिसम्बर को होना है। मतदान दोपहर 3 बजे से सायं पांच बजे के बीच होगा। इस बार अजमेर के जिला प्रमुख का पद आरक्षित नहीं है, इसलिए सामान्य वर्ग का पुरुष भी जिला प्रमुख बन सकता है।
पंचायत समितियों के पैनल भी भेजे:
अजमेर जिले की 11 पंचायत समितियों में से 9 में भाजपा को बहुमत मिला है। भाजपा के देहात संगठन ने सभी पंचायत समितियों के प्रधान पद के दावेदारों के पैनल प्रदेश नेतृत्व को सौंप दिए हैं। हालांकि उम्मीदवारों के चयन में भाजपा के क्षेत्रीय विधायकों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी। अजमेर ग्रामीण पंचायत समिति का प्रधान बनने के लिए कांग्रेस की पूर्व मंत्री श्रीमती नसीम अख्तर ने पूरा जोर लगाया था। इसके लिए स्वयं ने भी सदस्य का चुनाव लड़ा।
श्रीमती अख्तर और उनकी पुत्र वधु दोनों सदस्य का चुनाव तो जीत गई, लेकिन 35 सदस्यों वाली पंचायत समिति में कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला। हालांकि प्रधान बनने के लिए 18 मतों की जरुरत है, जबकि भाजपा के 17 सदस्य हैं। लेकिन कांग्रेस के पास 13 ही सदस्य हैं। श्रीमती अख्तर की नजर सभी पांच निर्दलीय सदस्यों पर लगी हुई है। अख्तर को भाजपा में क्रॉस वोटिंग की भी उम्मीद है। लेकिन पुष्कर के विधायक सुरेश सिंह रावत ने भाजपा का प्रधान बनवाने के लिए पूरी ताकत लगा रखी है। भाजपा को पांच में से सिर्फ एक निर्दलीय के समर्थन की जरुरत है।







