भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल श्रीकांत की कोरोना संक्रमण से मौत।

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लापरवाही बरतने वाले अब तो सबक ले। मास्क की बचाव है।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) –15 दिसम्बर को दिल्ली के अस्पताल में भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल श्रीकांत की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हो गई। श्रीकांत नौसेना के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट सीबर्ड के महानिदेशक थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी नौसेना के सर्वोच्च अधिकारी के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

 

श्रीकांत नौसेना के वाइस एडमिरल के पद पर कार्यरत थे। इसलिए उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की गई। लेकिन कोरोना संक्रमण के हमले से उन्हें बचाया नहीं जा सका। कोरोना संक्रमण को लेकर जो लोग अभी तक भी लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें श्रीकांत की मौत से सबक लेना चाहिए। जरा सी लापरवाही मौत का कारण बन सकती है। राजनीतिक धरना प्रदर्शनों में कोविड-19 के नियमों की सरे आम धज्जियाँ उड़ती है।

 

दिल्ली के बाहर चल रहे आंदोलन में भी कोरोना संक्रमण का कोई भय नहीं देखा जा रहा है। हजारों लोगों की भीड़ एक स्थान पर ढसा-ढस भरी हुई है। माना गया है कि सर्दी के मौसम में कोरोना वायरस ज्यादा प्रभावी होता है। हाल ही में देश भर में बड़ी संख्या में विवाह समारोह आयोजित हुए। विवाह में 100 लोगों को आमंत्रित करने का नियम कोरोना काल सरकार ने बनाया है। लेकिन अधिकांश समारोह में देखा गया कि 500 तक लोग एकत्रित हुए। बड़े बड़े समारोह स्थलों में मेहमानों को दो-तीन दिनों तक ठहराया गया। होटल, रिसोर्ट आदि के एक-एक कमरे में 4-5 लोग ठहरे। इनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल रहे। विवाह समारोह में आमतौर पर देखा गया कि अधिकांश मेहमानों ने मास्क नहीं लगा रखा था। जो महिलाएं ब्यूटी पार्लर पर तैयार हुई,उन्होंने तो मास्क से पूरी तरह परहेज किया।

 

यह सब तब हुआ जब कोरोना संक्रमण की वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इतनी परेशानी के बाद भी यदि महिलाएं अपने चेहरे को दिखाने के लिए मास्क नहीं लगाएंगी, तो फिर कोरोना पैर पसारेगा ही। विवाह समारोह को देखने से साफ प्रतीत हो रहा था कि लोगों में कोरोना का कोई डर नहीं है। पिछले दिनों जितने भी विवाह समारोह हुए उनमें से शामिल लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाए तो कोरोना संक्रमण की गंभीरता का पता चल जाएगा। असल में अब लोगों को ही सतर्कता बरतने की जरुरत है।

 

इन दिनों वैक्सीन आने का प्रचार जोर शोर से हो रहा है। अभी यह भी नहीं पता कि वैक्सीन कितनी प्रभावी होगी। अभी यह भी नहीं पता कि वैक्सीन कितने लोगों को उपलब्ध होगी। अभी यह भी नहीं पता कि वैक्सीन कब मिलेगी। ऐसे में मास्क ही बचाव है। जो लोग किसी न किसी कारण से भीड़ में एकत्रित होते हैं, उन्हे हर हाल में मुंह पर मास्क लगाना चाहिए। भीड़ में शामिल एक संक्रमित व्यक्ति कई लोगों को कोरोना से संक्रमित कर सकता है। संक्रमित व्यक्ति की नाक से निकलने वाली सांस के जरिए ही कोरोना फैलता है।

 

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