- अजमेर में बैठक होने के बाद भी पूर्व अध्यक्ष राकेश पारीक को विधायक होने के नाते भी नहीं बुलाया।
- अगले लोकसभा चुनाव से पहले सेवादल के 50 लाख सदस्य बनाने का दावा। 2018 में मात्र 12 हजार सदस्य थे।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) – 16 दिसम्बर को अजमेर में ब्यावर रोड स्थित एक समारोह स्थल पर भारतीय कांग्रेस सेवादल की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक सम्पन्न हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई ने दावा किया कि बैठक में देशभर से प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। दो दिन चली इस बैठक के विभिन्न सत्रों में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की भूमिका का तो कई बार उल्लेख किया, लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट से पूरी तरह परहेज किया गया।
बैठक स्थल पर जो बैनर लगाए गए उसमें जिला कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान अध्यक्षों के फोटो तो हैं, लेकिन सचिन पायलट का फोटो नहीं है। मुख्य बैनर में सीएम अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के फोटो प्रमुखता के साथ प्रदर्शित किए हैं। सचिन पायलट का फोटो नहीं होने से प्रतीत होता है कि प्रदेश में कांग्रेस का आंतरिक विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। कांग्रेस में अभी भी अशोक गहलोत और सचिन पायलट के गुट बने हुए हैं।

कांग्रेस सेवादल के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राकेश पारीक अजमेर जिले के मसूदा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, लेकिन सेवादल की बैठक में पारीक को बुलाया ही नहीं। जानकार सूत्रों के अनुसार सेवादल की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में राकेश पारीक को भी दूर रखा गया, क्योंकि पारीक सचिन पायलट गुट के हैं। जुलाई में पायलट के साथ कांग्रेस के जो 18 विधायक दिल्ली गए थे, उनमें राकेश पारीक भी शामिल थे। हालांकि अब पायलट और पारीक भी कांग्रेस के साथ ही हैं, लेकिन अशोक गहलोत का गुट अभी पायलट और उनके समर्थकों से दूरी बनाए हुए हैं। जुलाई में जब पायलट को कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाया गया था, तब राकेश पारीक को भी सेवादल के अध्यक्ष पद से हटाकर हेम सिंह शेखावत को प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया, लेकिन अजमेर में राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक के किसी भी सत्र में शेखावत ने पारीक को आमंत्रित नहीं किया। यह बात अलग है कि पारीक ने अपने कार्यकाल में शेखावत को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। शेखावत भी अब हवा के रुख के साथ बह रहे हैं। सेवादल के बैनर में पायलट का फोटो नहीं होने की प्रदेश कांग्रेस में चर्चा बनी हुई है।
50 लाख सदस्य बनाने का दावा:
सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई ने दावा किया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में यानि 2023 तक देश भर में सेवादल के 50 लाख सदस्य बना लिए जाएंगे। हर लोकसभा क्षेत्र में सेवादल के सदस्यों की सक्रिय भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में 12 हजार सदस्य थे, जो 2020 में बढ़ कर साढ़े तीन लाख हो गए हैं। अगले वर्ष के अंत तक 10 लाख सदस्य हो जाएंगे। देश में सेवादल का तेजी से विस्तार हो रहा है।







