डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने कहा कि अब 8 लाख लीटर दूध की प्रतिदिन प्रोसेसिंग हो सकेगी।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) – 18 दिसम्बर को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अजमेर दुग्ध डेयरी के नए प्लांट का वर्चुअल तकनीक से लोकार्पण किया। जयपुर में सीएमआर में आयोजित सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल के समारोह में सीएम गहलोत ने 1362 विकास कार्यों की सौगात प्रदेश वासियों को दी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण सौगात अजमेर के डेयरी प्लांट की रही। 313 करोड़ की लागत से बना डेयरी प्लांट उत्तर भारत का सबसे बड़ा प्लांट है।
लोकार्पण समारोह के अवसर पर डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने बताया कि अब प्लांट में प्रतिदिन 8 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग हो सकेगी। अब तक पुराने प्लांट की क्षमता दो लाख लीटर प्रतिदिन की थी। पुराने प्लांट का उपयोग अब सिर्फ गाय के दूध की प्रोसेसिंग के लिए होगा। चौधरी ने बताया कि नए प्लांट में 30 मैट्रिक टन पाउडर प्रतिदिन बन सकेगा। इसके साथ ही दूध से तैयार होने वाले अनेक उत्पादक उपभोक्ताओं को उपलब्ध होंगे। चौधरी ने बताया कि अजमेर डेयरी की शुरुआत 25 हजार लीटर प्रतिदिन की क्षमता से हुई थी, जो आज 8 लाख लीटर तक पहुंच गई है।
अजमेर डेयरी के पास कोल्ड स्टोरेज की शृंखला है और प्रत्येक संग्रहण केन्द्र पर कम्प्यूटर तकनीक से दूध की शुद्धता की जांच की जाती है। अजमेर डेयरी दुग्ध उत्पादकों को भी सर्वाधिक मूल्य का भुगतान करती है। नए प्लांट के कारण डेयरी को करोड़ों रुपए सालाना की बचत होगी। अब तक अजमेर डेयरी सरप्लस दूध का पाउडर दिल्ली और हरियाणा के प्लांटों में बनवाती थी, इस पर डेयरी को लाखों रुपया खर्च करना पड़ता था। लेकिन अब दूध का पाउडर अजमेर में ही बनेगा। डेयरी अब अन्य डेयरियों के दूध की प्रोसेसिंग भी कर सकेगी। यही वजह है कि हाल ही में अजमेर डेयरी को सौ टन सफेद मक्खन का ऑर्डर मिला है। चौधरी ने नए प्लांट का लोकार्पण करने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा का आभार जताया है।







