भ्रष्टाचारियों को पकड़वाने वालों के जायज काम भी एसीबी करवा रही है।

ajasthan-ACB
  • लोकल यूनिट पर भरोसा नहीं हो तो हेल्पलाइन नंबर 1064 पर सूचना दें-बीएल सोनी, डीजी, एसीबी।
  • अलवर ग्रामीण के डीएसपी सपात खान 3 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार। फिर मंची पुलिस महकमे में खलबली।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) – 6 जनवरी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राजस्थान के अलवर जिले के ग्रामीण क्षेत्र के डीएसपी सपात खान और उनके ड्राइवर को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। यह रिश्वत एक आरोपी से एफ़आईआर में से नाम हटाने की एवज में ली जा रही थी। डीएसपी स्तर के अधिकारी के रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। अब अलवर पुलिस के कई अधिकारी एसीबी के निशाने पर हैं। सपात खान के दफ्तर और घर की तलाशी लेकर सम्पत्तियों का भी पता लगाया जा रहा है।

एसीबी ने विगत दिनों ही अपने एक आरपीएस अधिकारी भैरू लाल को भी 58 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। वहीं 6 जनवरी को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर एसीबी के डीजी बीएल सोनी ने कहा कि रिश्वतखोर सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पकड़वाने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए शिकायत कर्ता का जायजा काम करवाने की ज़िम्मेदारी एसीबी की है। सांचोर में एक ठेकेदार ने ट्रेप की कार्यवाही करवाई तो उसके दो करोड़ रुपए के बिलों का भुगतान तुरंत हो गया। एनएचआई में ट्रेप की कार्यवाही हुई तो शिकायतकर्ता को पेट्रोल पंप की एनओसी 15 दिन में मिल गई।

ट्रेप की कार्यवाही के बाद हमारे अधिकारी यह भी देखते हैं कि शिकायकर्ता को संबंधित विभाग में कोई परेशानी तो नहीं हो रही है। सरकार भी इस मामले में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ हैं, इसलिए वर्ष 2019 में एक परिपत्र जारी कर सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए कि एसीबी में शिकायत करने वाले व्यक्ति के जायज काम प्राथमिकता के साथ किए जाएं। शिकायत कर्ता के प्रति दुर्भावना नहीं रखी जाए। सोनी ने माना कि पहले शिकायत कर्ता को काफी परेशान किया जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होता है। सोनी ने बताया कि वर्ष 2020 में 253 टे्रप किए गए और 351 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसमें 18 मामले केन्द्र सरकार के कार्मिकों से जुड़े हैं।

एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन ने कहा कि नि:संकोच होकर भ्रष्टाचारियों की शिकायत एसीबी में की जानी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को लोकल यूनिट पर भरोसा नहीं है तो वह सीधे जयपुर स्थित मुख्यालय पर संपर्क कर सकता है। एसीबी ने 1064 नम्बर की हेल्प लाइन भी शुरू की है। यदि इस टेलीफ़ोन नंबर पर कोई व्यक्ति सूचना देता है तो एसीबी के अधिकारी स्वयं संपर्क करते हैं। अब 9413502834 वाट्सएप नंबर भी जारी किया गया है, कोई भी व्यक्ति इस वाट्सएप नंबर पर सूचना दे सकता है। एडीजी ने बताया कि गृह सचिव के स्तर पर टेप के मामलों की समीक्षा की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि शिकायत कर्ता को कोई परेशानी तो नहीं है। सरकार शून्य भ्रष्टाचार की नीति पर अमल कर रही है।

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