क्या अली अब्बास और सैफ अली अपने धर्म को लेकर ऐसी वेबसीरिज बना सकते हैं?

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  • जब अमेज़न जैसी विदेशी कंपनियां होंगी तो ऐसे ही तांडव होंगे।
  • जब तांडव के लेखक गौरव सोलंकी और निर्माता हिमांशु कृष्ण मेहरा को अपने सनातन धर्म का अपमान करने
  • में शर्म महसूस नहीं हुई तो निर्देशक अली अब्बास जफर और अभिनेता सैफ अली खान से क्या उम्मीद की जा सकती है?

अजमेर (एस.पी.मित्तल) – वेबसीरिज तांडव में भारत की सनातन संस्कृति का अपमान करने वाले दृश्य प्रसारित किए जा रहे हैं। इसको लेकर सीरिज के निर्देश अली अब्बास जफर और अभिनेता सैफ अली खान के प्रति गुस्सा जताया जा रहा है, लेकिन देशवासियों को यह भी जानना जरूरी है कि इस वेबसीरिज का लेखन गौरव सोलंकी ने किया है तथा वेबसीरिज बनाने का खर्चा हिमांशु कृष्ण मेहरा ने उठाया है। यानि भगवान शिव पर आपत्तिजनक लेखन सनातन धर्म को मानने वाले ने ही किया है।

जब गौरव सोलंकी और हिमांशु कृष्ण को ही शर्म महसूस नहीं हुई तो फिर अली अब्बास और सैफ अली खान से क्या उम्मीद की जा सकती है? पिछले लम्बे समय से फिल्मी दुनिया में सनातन संस्कृति का अपमान करने का खेल चल रहा है। विचारों की अभिव्यक्ति के नाम पर गौरव सोलंकी और हिमांशु कृष्ण जैसे तत्व सनातन संस्कृति का मज़ाक उड़ाते हैं। असल में ऐसे लोगों का सनातन संस्कृति से कोई सरोकार नहीं है। ऐसे तत्व हमेशा उन लोगों के साथ खड़े होते हैं जो देश को अपमानित करने वाले काम करते हैं। शर्मनाक बात तो यह है कि ऐसे तत्वों को समर्थन भी मिल जाता है।

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ऐसे तत्व सरकार से अवार्ड भी प्राप्त कर लेते हैं। अली अब्बास और सैफ अली कह सकते हैं कि गौरव सोलंकी ने जो लिखा उसे ही फिल्माया गया है, लेकिन सवाल उठता है कि यदि अली अब्बास और सैफ अली के धर्म पर गौरव सोलंकी ऐसा ही लेखन करते तो क्या वेबसीरिज बना दी जाती? क्या अली अब्बास और सैफ अली खान में अपने धर्म का अपमान करने की हिम्मत थी? धर्म किसी का भी हो, उसका सम्मान किया जाना चाहिए। धर्म की रक्षा के लिए बड़ी बड़ी कुर्बानियां दी गई है।

कोई भी धर्म प्रेमी व्यक्ति अपने धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। हालांकि वेबसीरिज के निर्देशक अली अब्बास ने माफी मांगी है, लेकिन अभी तक भी वेबसीरिज पर रोक नहीं लगाई गई है। धर्म का अपमान करने पर माफी कितने मायने रखती है यह अली अब्बास और सैफ अली अच्छी तरह जानते हैं। कई मामलों में माफी के बाद भी सिर धड़ से अलग कर दिया गया। जहां तक अमेज़न का सवाल है तो अमेज़न एक विदेशी कंपनी है, जिसका मकसद सिर्फ पैसा कमाना है। अमेज़न को किसी धर्म से कोई सरोकार नहीं है। अच्छा हो कि तांडव वेबसीरिज पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को भी सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।

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