- खादिम समुदाय भी जायरीन की भीड़ न जुटने में सहयोग करें-जिला प्रशासन।
- अजमेर में ख्वाजा उर्स का झंडा 8 फरवरी को चढ़ेगा। चाँद दिखने पर 6 दिवसीय उर्स की शुरुआत 12 फरवरी से।
- अजमेर के बाजार अब शाम सात बजे बाद भी खुले रहेंगे-एसपी जगदीश चन्द्र शर्मा
अजमेर (एस.पी.मित्तल) – सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के सालाना उर्स इस बार चांद दिखने पर 12 फरवरी से शुरू होगा। इससे पहले अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह के बुलंद दरवाजे पर 8 फरवरी को उर्स का झंडा चढ़ जाएगा। चूंकि ख्वाजा उर्स में देशभर से लाखों जायरीन अजमेर आते हैं, इसलिए जिला प्रशासन की ओर से बड़े पैमाने पर प्रशासनिक इंतजाम किए जाते हैं। ख्वाजा उर्स के सिलसिले में 19 जनवरी को संभागीय आयुक्त श्रीमती वीना प्रधान की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई।
इस बैठक में जिला कलेक्टर प्रकाश पुरोहित पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र शर्मा तथा दरगाह स्थित खादिमों की प्रतिनिधि संस्था अंजुमन सैय्यद जादगान के सचिव वाहिद हुसैन अंगारा शाह, दरगाह कमेटी के सहायक नाजिम डॉ. आदिल आदि भी उपस्थित रहे। बैठक में प्रशासन की ओर से कहा गया कि अभी कोरोना का संक्रमण समाप्त नहीं हुआ है,इसलिए सभी की जिम्मेदारी है कि इस बार जायरीन की संख्या उर्स में कम रहे। हालांकि प्रशासन की ओर से दरगाह में आने के लिए कोई रोक नहीं है, लेकिन कोरोना की स्थिति को देखते हुए भीड़ कम होनी चाहिए। प्रशासन ने खादिम समुदाय से भी आग्रह किया कि जायरीन को आमंत्रित करने के लिए लिखित में कोई प्रस्ताव न भेजा जाए।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कायड़ विश्राम स्थली पर इस बार कोई प्रशासनिक इंतजाम नहीं किए जाएंगे। यहां यह उल्लेखनीय है कि उर्स के दौरान कायड़ विश्राम स्थली पर लाखों जायरीन ठहरते हैं और प्रशासन की ओर से प्राथमिकता सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जाती है। कायड़ विश्राम स्थली से दरगाह तक जायरीन के लिए रोडवेज की बसें भी चलाई जाती हैं। लेकिन इस बार प्रशासन की ओर से विश्राम स्थली पर इंतजाम नहीं होंगे। बैठक में अंजुमन के सचिव वाहिद हुसैन ने कहा कि खादिम समुदाय जायरीन को दरगाह जाने से नहीं रोक सकता है। खादिम तो जायरीन का खिदमतगार है। जो भी जायरीन दरगाह आएगा, उसे सम्मान जनक तरीके से जियारत करवाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि खादिम समुदाय के यह प्रयास होगा कि ख्वाजा साहब के उर्स में भी कोरोना की गाइड लाइन की पालना हो। खादिम समुदाय सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप ही जायरीन को जियारत करवाएगा। उन्होंने कहा कि अब जब रात्रि कालीन कर्फ्यू समाप्त हो गया है, तब दरगाह में जायरीन को और अधिक सुविधाएँ दी जाए। हुसैन ने प्रशासन को बताया कि दरगाह के आसपास बड़ी संख्या में होटल, गेस्ट हाउस आदि बने हुए हैं। उर्स में भाग लेने के लिए जायरीन ने पहले से ही बुकिंग करवा दी है। उन्होंने कहा कि चाँद दिखने पर 12 फरवरी से छह दिवसीय उर्स शुरू होगा, तब जायरीन की भीड़ तो आएगी ही। पहले लॉकडाउन और फिर कोरोना प्रकोप के कारण जायरीन कम संख्या में आए, इसलिए अब ख्वाजा साहब के उर्स में तो जियारत के लिए जायरीन आएंगे ही। जहां तक खादिम समुदाय का सवाल है तो प्रशासन को पूरा सहयोग किया जाएगा।
खुले रहेंगे बाजार:
अजमेर के जिला पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र शर्मा ने कहा कि 19 जनवरी से अजमेर के बाजार शाम 7 बजे भी खुले रह सकेंगे। चूंकि सरकार ने रात्रि कालीन कफ्र्यू समाप्त कर दिया है, इसलिए अब बाजारों के बंद होने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। इस संबंध में सरकार के दिशा निर्देश प्राप्त हो गए हैं, लेकिन व्यापारी वर्ग को कोरोना की गाइड लाइन की पालना करना जरूरी है। दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों के मुंह पर मास्क होना अनिवार्य है। इसी प्रकार दुकान के अंदर सोशल डिस्टेसिंग की पालना भी होनी चाहिए। उसी ग्राहक को माल दिया जाए जिसके पास मास्क हो। मास्क नहीं लगाने पर जुर्माने के प्रावधान पहले ही तरह लागू हैं। उन्होंने कहा कि अब होटल, रेस्टोरेंट भी सरकार के नियमों के अनुसार रात तक खुले रह सकेंगे।







