जयपूर (एस.पी.मित्तल) – राजस्थान की राजनीति में चल रहे घटनाक्रम और विधायकों की खरीद फरोख्त के आरोपों के बीच 15 जुलाई को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट और मीडिया पर जमकर गुस्सा उतारा। जयपुर में जिस फेयरमाउंट होटल में कांग्रेस और निर्दलीय विधायक गहलोत के समर्थन में जमा है उसी होटल के बाहर मीडिया से संवाद करते हुए गहलोत ने कहा कि मेरी सरकार को गिराने के लिए डिप्टी सीएम खुद ही हॉर्सट्रेडिंग कर रहे थे। विधायकों के मोबाइल नम्बर नोट कराए जा रहे थे। दिल्ली से किस तरह पैसा जयपुर आ रहा था इन सबके सबूत मेरे पास है। मुझे यह भी जानकारी है कि रात दो बजे कांग्रेस के विधायक किस तरह मानेसर की होटल में पहुंचे हैं। गहलोत ने कहा कि मुझे राजनीति में चालीस वर्ष हो गए। मैं जानता हंू कि मेरी कितनी रगड़ाई हुई है। यदि सचिन पायलट की रगड़ाई होती तो उन्हें पता चलता कि राजनीति किस तरह होती है। पार्टी के द्वारा इतना सम्मान करने के बाद भी वे अपनी ही सरकार को गिराने के षडय़ंत्र में शामिल है। कुछ विधायक किन कारणों से मानेसर की होटलों में बैठे हैं, इसकी भी मुझे जानकारी है। गहलोत ने सवाल उठाया की क्या हॉर्सट्रेडिंग की जानकारी मीडिया को नहीं है? मीडिया सब जानता है कि मेरी सरकार को किस तरह गिराने की कोशिश की जा रही है। लेकिन मीडिया इस सच्चाई को नहीं दिखाता। मुझे पता है कि अनेक मीडिया घरानों को भाजपा की ओर से फाइनेंस होता है। यही वजह है कि ऐसा मीडिया हमेशा कांग्रेस और गांधी परिवार को कोसता है। मौजूदा प्रकरण में कहा जा रहा है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी पार्टी में युवाओं को पसंद नहीं करते। गहलोत ने कहा कि यदि ऐसा होता तो सचिन पायलट केन्द्र में मंत्री नहीं बनते। मैंने पायलट को राजस्थान में डिप्टी सीएम और प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाए रखा। हम चाहते हैं कि युवा पीढ़ी आगे आए। गहलोत ने कहा कि मीडिया को निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए। गहलोत ने जिस अंदाज में सचिन पायलट और मीडिया पर हमला किया उससे प्रतीत हो रहा था कि सरकार के बहुमत को लेकर गहलोत आत्मविश्वास से भरे हैं। गहलोत को अब पक्का यकीन हो गया है कि विधायको का बहुमत उनके साथ है। सचिन पायलट भले ही 18 विधायकों को लेकर मानेसर की होटल में बैठे हो, लेकिन जरूरत पडऩे पर विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया जाएगा। होटल फेयरमाउंट में कांग्रेस निर्दलीय और छोटे दलों के 109 विधायक मौजूद हैं, वो आखिरी समय तक गहलोत के साथ रहेंगे। आत्मविश्वास होने की वजह से ही अब गहलोत हमलावर हो रहे हैं। हो सकता है कि आने वाले दिनों में सचिन पायलट को लेकर और कई महत्वपूर्ण जानकारी गहलोत की ओर से दी जाए। जब अब गहलोत ने सीधे पायलट पर ही विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगा दिया है तब कांग्रेस में सचिन पायलट का अध्याय समाप्त हो गया है। कहा जा सकता है कि गहलोत ने पायलट को कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।







