विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी को सदन से बाहर निकाला तो भाजपा विधायकों ने बहिष्कार किया।

  • देवनानी के विरुद्ध लामबंद हुए कांग्रेस के विधायक।
  • जोशी को भी गुस्सा आया।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) – एक मार्च को राजस्थान विधानसभा में भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी को लेकर जबर्दस्त हंगामा हुआ। जब विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने देवनानी को दिनभर के लिए सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया तो भाजपा के सभी विधायकों ने सदन का बहिष्कार किया। देवनानी स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से प्रदेश की कानून व्यवस्था के मुद्दे पर बोलना चाहते थे, लेकिन अध्यक्ष जोशी ने अनुमति नहीं दी।

इससे नाराज़ होकर देवनानी वेल में आ गए और अध्यक्ष के फैसले पर रोष जताया। इस पर जोशी ने देवनानी को अपनी सीट पर जाने के आदेश दिया, लेकिन फिर भी देवनानी वेल में ही हंगामा करते रहे। देवनानी के इस कृत्य को अध्यक्ष जोशी ने गलत माना और कहा कि जब अध्यक्ष अपने पैरों पर खड़े हैं तब किसी भी विधायक को नहीं बोलना चाहिए। जोशी ने कहा कि इस तरह सदन नहीं चल सकता। मैं किसी भी सदस्य को अनुशासन हीनता करने की इजाज़त नहीं दूंगा।

अध्यक्ष जोशी के गुस्से को देखते हुए संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने देवनानी को सदन की दिनभर की कार्यवाही से बाहर निकालने का प्रस्ताव रख दिया। धारीवाल का यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पास हो गया। हालांकि प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे देवनानी को बाहर निकालने का आदेश न दें। कटारिया ने माना कि जब विधानसभा अध्यक्ष खड़े हैं, तब देवनानी को बोलना नहीं चाहिए था, लेकिन देवनानी का यह कृत्य इतना बड़ा नहीं है कि उन्हें सदन से बाहर निकाला जाए।

कटारिया ने कहा कि यदि देवनानी बाहर जाते हैं तो फिर भाजपा के सभी विधायक भी सदन का बहिष्का करेंगे। कटारिया ने अध्यक्ष जोशी से कहा कि यदि छोटी छोटी बातों को लेकर सदस्यों को बाहर निकाला जाएगा तो फिर सदन का सूचारू चलना मुश्किल होगा। लेकिन कटारिया की बातों का अध्यक्ष पर कोई असर नहीं हुआ। यहां यह उल्लेखनीय है कि देवनानी अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक है। देवनानी चौथी बार विधायक बने हैं और दो बार मंत्री रह चुके हैं।

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