वर्ष 2024 तक के लिए भारतीय टेबिल टेनिस महासंघ के सीईओ बने। एशियाई टीटी यूनियन के कोषाध्यक्ष भी हैं।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) – एक समय था जब खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर अजमेर के मूलचंद चौहान और एमएल जादम की पहचान थी। इन दोनों खेल पदाधिकारियों के निधन के बाद अजमेर की पहचान को धनराज चौधरी ने कायम रखा है। हालांकि स्वर्गीय एमएल जादम के पुत्र प्रमोद जादम भी अपने पिता के बताए रास्ते पर चल रहे थे, लेकिन पिछले दिनों प्रमोद जादम का भी निधन हो गया।
इसमें कोई दो राय नहीं कि टेबिल टेनिस खेल के प्रति लगाव ने 72 वर्ष की उम्र में भी धनराज चौधरी को जवान बना रखा है। चौधरी ने स्वर्गीय मूलचंद चौहान से जो गुर सीखे उसी का परिणाम है कि खेल सत्र 2021-24 के लिए चौधरी को भारतीय टेबिल टेनिस महासंघ का सीईओ नियुक्त किया गया है। इससे पहले चौधरी लम्बे समय तक महासंघ के महासचिव रहे। अपने खेल अनुभव से चौधरी ने देश में टीटी के बेहतरीन खिलाड़ी तैयार किए हैं। इन खिलाड़ियों की वजह से ही इस अंतर्राष्ट्रीय खेल में भारत की पहचान बनी है।
आज भी चौधरी में टीटी के खिलाड़ियों को निखारने का जुनून बना हुआ है। टीटी के खेल में योगदान को देखते हुए ही एशियाई टीटी यूनियन का कोषाध्यक्ष भी चौधरी को बनाया गया है। चौधरी अंतर्राष्ट्रीय टीटी महासंघ की केन्द्रीय समिति के सदस्य भी हैं। भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में होने वाले टेबिल टेनिस खेल की गतिविधियों में चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका है। चौधरी को एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ गैम, वल्र्डचैंपियन शिप आदि के आयोजनों का भी खास अनुभव है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जगह में भूमिका निभाने के साथ साथ चौधरी अपने गृह शहर अजमेर से भी जुड़े हुए हैं। पटेल मैदान स्थित मूलचंद चौहान इंडोर स्टेडियम की प्रबंध कमेटी के सचिव होने के नाते अजमेर में भी खेल गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं।
चौधरी की वजह से ही टीटी की प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं अजमेर में होती है। टीटी महासंघ का सीईओ नियुक्त होने के बाद चौधरी एक मार्च को पहली बार अजमेर में उपस्थित रहे। यही वजह रही कि इंडोर स्टेडियम में दिनभर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। सभी ने चौधरी के मधुर व्यवहार और खेलों में योगदान की प्रशंसा की। मोबाइल नम्बर 9828173189 पर चौधरी को बधाई दी जा सकती है।






