राजस्थान के राज्यपाल के सवालों का जवाब देने से पहले देशभर में राजभवनों के घेराव की घोषणा।

  • कांग्रेस के 19 बागी विधायकों के प्रकरण में 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई।
  • क्या कांग्रेस की रणनीति सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने की है?
  • आखिर संशोधित प्रस्ताव भेजा। 31 जुलाई से विधानसभा का सत्र बुलाने की मांग।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र की भूमिका को लेकर कांग्रेस की ओर से 27 जुलाई को देशभर के राजभवनों के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि जरूरत पड़ी तो दिल्ली में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति हाउस के बाहर भी प्रदर्शन किया जाएगा।
कांग्रेस का गुस्सा राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की अनुमति नहीं देने को लेकर है। असल में कोरोना काल में विशेषसत्र बुलाने को लेकर राज्यपाल मिश्र ने 6 सवाल पूछे थे। यह एक सामान्य प्रक्रिया के तहत कार्यवाही हुई थी। सीएम गहलोत 24 जुलाई की रात को मीडिया से कहा था कि मंत्रिमंडल की बैठक कर राज्यपाल के सवालों का जवाब दे दिया जाएगा, लेकिन जवाब देने से पहले कांग्रेस ने देशभर में राजभवनों को घेरने की घोषणा कर दी। कांग्रेस अब देशभर में स्पीक अप फोर डेमोक्रेसी यानि प्रजातंत्र पर बोलो अभियान चला रही है, लेकिन यह नहीं बता रही कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने को लेकर राज्यपाल ने जो सवाल पूछे हैं, उनका जवाब देने में विलम्ब क्यों किया जा रहा है? हो सकता है कि गहलोत सरकार का जवाब मिल जाने पर राज्यपाल स्वत: ही सत्र बुलाने की अनुमति दे देते। संवैधानिक प्रक्रिया को बीच में ही छोड़कर कांग्रेस राजभवनों का घेराव कर रही है। सब जानते हैं कि राजस्थान में 19 विधायकों की बगावत के बाद अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार मुश्किल में है। बागी विधायकों की सदस्यता रद्द करने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के नोटिस भी जारी कर रखे है।
हालांकि ऐसे नोटिसों पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है, लेकिन अब अध्यक्ष सीपी जोशी की अपील पर सुप्रीम कोर्ट में 27 जुलाई को सुनवाई होगी। माना जारहा है कि देशभर में राजभवनों को घेरने की रणनीति के पीछे सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाना ही है। यानि 27 जुलाई को सुबह जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी, तब कांग्रेस के कार्यकर्ता राजभवनों का घेराव कर रहे होंगे। हालांकि 19 विधायकों के मुद्दे पर अभी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना शेष है, लेकिन 21 जुलाई की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट का विधायकों का असंतोष दबाया नहीं जा सकता है। यदि असंतोष को दबाया गया तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। यहां यह उल्लेखनीयी है कि भले ही सीएम अशोक गहलोत बागी विधायकों पर भाजपा के हाथो 25-25 करोड़ रुपए में बिकने का आरोप लगा रहे हों, लेकिन अभी तक किसी भी विधायक ने भाजपा में जाने की बात नहीं कही है। बागियों का नेतृत्व कररने वाले प्रदेश कांगेस कमेटी के बर्खास्त अध्यक्ष सचिन पायलट ने साफ कहा है कि कांग्रेस के बड़े नेताओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए दिल्ली में डेरा जमाए हैं। पायलट ने भी भाजपा में शामिल होने के आरोपों से इकार किया है। पायलट सहित 19 विधायक अभी तक भी स्वयं को पक्का कांग्रेसी मानते है। 19 विधायकों ने अभी तक भी ऐसा कोई कृत्य नहीं किया है, जिससे दल बदल कानून के दायरे में आते हों। पायलट की यही रणनीति अब अशोक गहलोत के लिए सिरदर्द बनी हुई है। यही वजह है कि गहलोत खेमा पायलट के समर्थक विधायकों की विधायकी छिनवाने में लगा हुआ है। गहलोत के अधीन काम करने वाली एसओजी ने गली मोहल्ले के स्तर के दो तीन भाजपाई को गिरफ्त में ले रखा है। लेकिन अभी तक इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं, जिनसे साबित होता हो कि पालयट समर्थक विधायक 25-25 करोड़ रुपए में बिक गए हैं।
विधायकी छीवाने में ज्यादा रुचि:
असल में गहलोत खेमे की रुचि अब पायलट समर्थक 19 बागियों की विधायकी छिनवाने में है। विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना तो एक बहाना है। यदि बहुमत साबित करनेे के लिए विशेष सत्र बुलाना होता तो अशोक गहलोत सिर्फ शक्ति परीक्षण वाला पत्र ही राज्यपाल को देते। लेकिन अभी तो पत्र दिया है उसमें शक्ति परीक्षण का कोई उल्लेख नहीं है। गहलोत की रणनीति है कि विधानसभा में कोई प्रस्ताव रखकर मत विभाजन करवाया जाए और तब यदि 19 विधायक सरकार के पक्ष में वोट नहीं करते हैं तो दल बदल काननून लागू कर विधायकी छीन ली जाए। गहलोत फिलहाल इस रणनीति में सफल होते नजर नहीं आ रहे हैं।
संशोधित प्रस्ताव भेजा:
आखिरकार 26 जुलाई कोसरकार की ओर से संशोधित प्रस्ताव राज्यपाल को भेज दिया गया है। इस प्रस्ताव में 31 जुलाई से विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की गई है। संशोधित प्रस्ताव पर अब राज्यपाल कलराज मिश्र निर्णय लेंगे। जानकार सूत्रों के अनुासर संशोधित प्रस्ताव में राज्यपाल के 6 सवालों के जवाब दिए गए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here