राज्यपाल कलराज मिश्र पर कोई कंकर फेंकेगा तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने सिर पर लेंगे।

  • परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि राज्यपाल की सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।
  • मुख्यमंत्री के घेराव वाले बयान पर अब सफाई

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 24 जुलाई को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि यदि प्रदेश की जनता राजभवन का घेराव करेगी तो हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। इस बयान के बाद 25 जुलाई को भाजपा के एक प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात कर राज्य में अराजकता का माहौल बताया। मामले के तूल पकड़ता देख 26 जुलाई को मुख्यमंत्री के घेराव वाले बयान पर प्रदेश के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सफाई दी।
मीडिया से संवाद करते हुए खाचरियावास ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान को गलत अर्थों में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जयपुर के सिविल लाइन क्षेत्र में मुख्यमंत्री और राज्यपाल आवास की दीवार एक ही है। यदि कोई राज्यपाल कलराज मिश्र पर कंकर भी फेंकेगा तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने सिर पर ले लेंगे। राज्यपाल और राजभवन की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। भाजपा के नेताओं को लगता है कि राज्यपाल सिर्फ उन्हीं के हैं, जबकि राज्यपाल तो पूरे प्रदेश के संवैधानिक मुखिया है। लेकिन कोई भी व्यक्ति संविधाना से बड़ा नहीं हो सकता है। खाचरियावास ने कहा कि 24 जुलाई को भी कांग्रेस के विधायक विधानसभा सत्र बुलाने की मांग को लेकर राज्यपाल से मिलने के लिए राजभवन गए थे। सभी ने लोकतांत्रित तरीके से अपनी बात राज्यपाल के समक्ष रखी। लोकतंत्र में प्रदेश का कोई भी राजभवन आ सकता है। मुख्यमंत्री गहलोत ने अपने बयान में ऐसी कोई बात नहीं कहीं जिससे प्रदेश में अराजकता का माहौल नजर आए। गहलोत संविधान के अनुरूप ही मुख्यमंत्री का दायित्व निभा रहे हैं। खाचरियावास ने आरोप लगाया कि भाजपा षडय़ंत्र कर राजस्थान में निर्वाचित सरकार को गिराने का काम कर रही है। लेकिन भाजपा के मंसूबे पूरे नहीं होंगे। हमारे पास पूर्ण बहुमत है। विधानसभा का सत्र होने पर बहुमत दिखा दिया जाएगा। राज्यपाल मिश्र को चाहिए कि विधानसभा सत्र आहूत करने की अनुमति जल्द से जल्द दें।

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