आंधी तूफान और बरसात में भी विद्युत आपूर्ति को बनाए रखा गया है-सीईओ, श्रीप्रकाश जोशी।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) – अजमेर विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक वीएस भाटी और लोकप्रिय पार्षद ज्ञान सारस्वत की शिकायतों पर अजमेर में बिजली आपूर्ति करने वाली टाटा पावर कंपनी के सीईओ श्रीप्रकाश जोशी का कहना है कि उपभोक्ताओं को कंपनी के शिकायत केन्द्र की नई और आधुनिक तकनीक को समझना होगा। कंपनी के उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों को दर्ज करने के लिए 30 लाइन वाला सिस्टम लगाया है।
इस सिस्टम में चौबीस घंटे कंपनी के चार-पांच कर्मचारी बैठे रहते हैं, जो घंटी बजाने पर फोन उठाते हैं। यदि एक साथ चार पांच से भी ज्यादा उपभोक्ता फोन करेंगे तो छठे और सातवें उपभोक्ता को अपने फोन पर घंटी सुनाई देती रहेगी। तब उपभोक्ता को यह महसूस होगा कि उसका फोन शिकायत केन्द्र पर कोई कर्मचारी रिसीव नहीं कर रहा है, जबकि संबंधित उपभोक्ता का फोन कॉल वेटिंग में है। इस सिस्टम में सभी कॉल रिकॉर्ड भी किए जाते हैं, ताकि कंपनी को अपने कर्मचारियों के व्यवहार की भी जानकारी हो सके। जहां तक निगम के प्रबंध निदेशक वीएस भाटी ने 27 मई की रात को कंप्लेंट करने का सवाल है तो हो सकता है, तब बीएसएनएल की लाइन में ही कोई तकनीकी खराबी हो। कंपनी के पास बीएसएनएल का ही कनेक्शन है। यदि हमारे सिस्टम में कोई खामी होगी तो उसे सुधारा जाएगा। पिछले कुछ दिनों से अजमेर में भी आंधी तूफान और बरसात का दौर चल रहा है, लोगों ने स्वयं महसूस किया है कि आंधी तूफान से पेड़ भी गिर गए हैं, ऐसे में बिजली के खंबे, तार और ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई है, लेकिन कंपनी के कर्मचारियों ने जल्द से जल्द सप्लाई को सुचारू किया है। कोरोना काल में शहर भर के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की बिजली को विपरीत परिस्थितियों में सुचारू रखा गया है ताकि एक भी मरीज को परेशानी नहीं हो। संभाग के सबसे बड़े जवाहरलाल नेहरू अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में एक मिनट भी बिजली बंद नहीं हुई है। पिछले दिनों जब इस अस्पताल में कोविड के 600 मरीज भर्ती थे, तब भी बिजली की सप्लाई सुचारू रखा गया। शहर के उपभोक्ताओं ने स्वयं महसूस किया है कि पिछले दो वर्ष से बिजली की आपूर्त में सुधार हुआ है। सीईओ जोशी ने कहा कि जहां तक कंप्लेंट सेंटर पर उपभोक्ता से बिजली के बिल पर अंकित नम्बर पूछने का सवाल है तो इससे संबंधित इलाके अथवा निवास स्थान की लोकेशन ट्रेस हो जाती है।
समस्या वाले स्थान पर कंपनी के तकनीकी कर्मचारी तुरंत पहुंच जाते हैं। चूंकि सिस्टम को कम्प्यूटराइज्ड कर रखा है, इसलिए हर उपभोक्ता की जानकारी कम्प्यूटर पर उपलब्ध है। लॉकडाउन और कोरोना काल समाप्त होने के बाद अभियान चलाकर जागरुक उपभोक्ताओं को कंपनी के सिस्टम की जानकारी दी जाएगी। कोई भी उपभोक्ता टाटा पावर के टोल फ्री नम्बर 18001806531 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। शिकायत का समाधान नहीं होने पर कंपनी के वैशाली नगर स्थित कॉरपोरेट कार्यालय में आकर सीधे मुझ से भी मिल सकता है। उपखंड कार्यालयों में भी प्राप्त होने वाली शिकायतों को भी उच्च स्तर पर जांचा जाता है। निगम के एमडी वीएस भाटी के सभी निर्देशों का पालन किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 28 मई को भाजपा पार्षद ज्ञान सारस्वत ने टाटा पावर की लापरवाही के विरोध में धरना दिया था।
इसी प्रकार डिस्कॉम के एमडी भाटी ने भी कंप्लेंट सेंटर पर शिकायत दर्ज नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। भाटी ने कंपनी पर जुर्माना लगाने की बात भी कही है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि गत वर्ष भी टाटा पावर के कर्मचारी भाटी के वैशाली नगर स्थित आवास का बिजली कनेक्शन काटने के लिए पहुंच गए थे, जबकि भाटी का कोई बिल बकाया नहीं था।






