- हेमराज के साथ दो बहनों को भी वैक्सीन लगी थी। दोनों स्वास्थ्य है।
- परिजन ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर मृत्यु की जांच की मांग की।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) – अजमेर जिले की श्रीनगर पंचायत समिति के तिहारी गांव में 19 जून को प्राथमिक चिकित्सालय में लगे शिविर में 31 वर्षी हेमराज लखारा ने भी कोरोना की वैक्सीन लगवाई थी, लेकिन शाम होते होते हेमराज की मृत्यु हो गई। हेमराज के भाई हीरालाल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर मृत्यु की जांच करवाने की मांग की है। वहीं तिहारी गांव के प्राथमिक चिकित्सालय के डॉक्टर भजनलाल मीणा का कहना है कि हेमराज की मृत्यु का कारण कोविशील्ड वैक्सीन लगना नहीं है।
19 जून को ही हेमराज की बहन सोनिया (30) तथा संजू (24) को भी वैक्सीन लगाई गई थी। दोनों बहने पूरी तरह स्वस्थ है। 19 जून को तिहारी गांव के 60 ग्रामीणों को वैक्सीन लगाई गई है। हेमराज को छोड़कर किसी भी तबीयत खराब नहीं हुई। डॉ. मीणा ने बताया हेमराज को सुबह 11 बजकर 38 मिनट पर वैक्सीन का डोज दिया गया। आधा घंटे निगरानी में रखने के बाद हेमराज को घर भेज दिया गया। वैक्सीनेशन के समय वे स्वयं अस्पताल में मौजूद थे। सायं 4 बजे हेमराज की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिले तो वे स्वयं हेमराज के घर पर गए और बुखार की गोलियां लेने की सलाह दी। जब सायं 7 बजे तक तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो उसे अजमेर के जेएलएन अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई।
डॉ. मीणा ने बताया कि हेमराज को पहले सिर में चोट लगी है और उसे यूरिन रोग भी है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही मृत्यु का कारण पता चलेगा। लेकिन मृत्यु का कारण वैक्सीन लगना नहीं है। वहीं हेमराज के भाई हीरालाल का कहना है कि जब तिहारी से अजमेर लाया जा रहा था, तभी बीच रास्ते में ही मृत्यु हो गई। जेएलएन अस्पताल के चिकित्सकों ने देखते ही हेमराज को मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजन ने भी तिहारी चिकित्सालय के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के व्यवहार पर संतोष जताया है। हेमराज लाख की चूड़ियां बनाने और बेचने का काम करता है। लाख की चूडियों को गांव गांव जाकर बेचता है। 19 जून को संयुक्त परिवार के कई सदस्यों ने वैक्सीन लगवाई थी, वे सभी स्वस्थ हैं।






